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<title>****ALLTHINKS****</title>
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<lastBuildDate>Sat, 31 Oct 2009 13:24:43 GMT</lastBuildDate>
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<title>اتصالا پرسی</title>
<link>http://lootty.blogfa.com/post-427.aspx</link>
<description>&lt;TABLE dir=rtl id=table1 border=0 cellSpacing=0 cellPadding=0 width=&quot;95%&quot;&gt;
&lt;TBODY&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD&gt;
&lt;P align=justify&gt;&lt;FONT color=#ff6600 size=2 face=Tahoma&gt;&lt;IMG border=0 alt=&quot;&quot; src=&quot;http://www.sanpipe.ir/Images/bullet.gif&quot;&gt; طريقه نصب لوله و اتصالات چند لايه &lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P align=justify&gt;&lt;FONT size=2 face=Tahoma&gt;عليرغم مقاومت مكانيكي بالا لوله ها به راحتي و با دست شكل پذير است . شكل پذيري و طول زياد كلاف باعث ميشود ضايعات در نصب نزديك به صفر باشد و مصرف اتصالات به ميزان 30 تا 40 درصد كاهش يابد . &lt;BR&gt;نصب و اجراي سيستم لوله كشي بايد توسط مجريان كارآزموده انجام شود . سرعت نصب سان پکس تا 10 برابر بيشتر از لوله كشي با لوله هاي فلزي است. &lt;BR&gt;ويژگيهاي منحصر به فرد لوله هاي چند لايه براي لوله كشي آب سرد و گرم ، سيستمهاي گرمايشي و سرمايشي و همين طور سيستم گرمايش كفي مناسب ميسازد. &lt;BR&gt;&lt;/FONT&gt;&lt;FONT color=#ff6600 size=2 face=Tahoma&gt;&lt;IMG border=0 alt=&quot;&quot; src=&quot;http://www.sanpipe.ir/Images/bullet.gif&quot;&gt; &lt;/FONT&gt;&lt;FONT size=2 face=Tahoma&gt;&lt;FONT color=#ff6600&gt;ابزار مورد نياز&lt;/FONT&gt; &lt;BR&gt;در اين سر فصل بصورت مختصر به ابزار لوله سان پکس اشاره ميكنيم ، اين ابزار عبارتند از: &lt;BR&gt;&lt;BR&gt;&lt;FONT color=#ff6600&gt;&lt;IMG border=0 alt=&quot;&quot; src=&quot;http://www.sanpipe.ir/Images/bottom.gif&quot;&gt; قيچي &lt;/FONT&gt;&lt;BR&gt;از اين ابزار جهت برش لوله استفاده ميشود. &lt;BR&gt;&lt;BR&gt;&lt;FONT color=#ff6600&gt;&lt;IMG border=0 alt=&quot;&quot; src=&quot;http://www.sanpipe.ir/Images/bottom.gif&quot;&gt; ابزار كاليبر&lt;/FONT&gt; &lt;BR&gt;جهت تنظيم دهانه داخلي ولب لوله براي وصل لوله به اتصال مورد نظر مورد استفاده قرار ميگيرد و در سايزهاي مختلف موجود ميباشد. &lt;BR&gt;&lt;BR&gt;&lt;FONT color=#ff6600&gt;&lt;IMG border=0 alt=&quot;&quot; src=&quot;http://www.sanpipe.ir/Images/bottom.gif&quot;&gt; فنر خم كن &lt;/FONT&gt;&lt;BR&gt;از آنجا كه تغيير مسيرهاي لوله ها در سيستمهاي لوله كشي با خم كردن آن انجام ميگيرد با اين ابزار كار خم كردن لوله انجام ميشود . براي هر سايز لوله يك فنر مخصوص در نظر گرفته شده است كه داخل لوله قرار ميگيرد و خم مورد نظر بوجود ميآورد . &lt;BR&gt;لازم به ذكر است همانطوريكه قبلاً نيز گفته شد لوله ها بواسطه انعطاف پذير بودن با دست نيز خم ميشود . حداقل شعاع انحنا ميتواند پنج برابر قطر خارجي لوله باشد . &lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P align=justify&gt;&lt;FONT size=2 face=Tahoma&gt;&lt;IMG border=0 alt=&quot;&quot; src=&quot;http://www.sanpipe.ir/Images/bottom.gif&quot;&gt;&lt;FONT color=#ff6600&gt; آچار&lt;/FONT&gt; &lt;BR&gt;براي سفت كردن اتصالات رزوهاي مورد استفاده قرار ميگيرد. &lt;BR&gt;&lt;BR&gt;&lt;FONT color=#ff6600&gt;&lt;IMG border=0 alt=&quot;&quot; src=&quot;http://www.sanpipe.ir/Images/bottom.gif&quot;&gt; ابزار پرس&lt;/FONT&gt; &lt;BR&gt;اين ابزار شكل انبر دارد و جهت پرس كردن حلقه فلزي روي لوله، در اتصالات پرسي مورد استفاده قرار ميگيرد . فك بالايي اين ابزار براي سايزهاي مختلف لوله قابل تعويض ميباشد . &lt;BR&gt;همانطور كه ملاحظه ميشود نصب لوله سان پکس با ساده ترين و كم حجمترين ابزار كه حتي داخل يك كيف دستي جاي ميگيرد امكان پذير است . &lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P align=justify&gt;&lt;FONT size=2 face=Tahoma&gt;&lt;IMG border=0 alt=&quot;&quot; src=&quot;http://www.sanpipe.ir/Images/bullet.gif&quot;&gt;&lt;FONT color=#ff6600&gt; نصب&lt;/FONT&gt; &lt;BR&gt;چگونگي اتصال و نصب لوله ها بصورت ذيل ميباشد. &lt;BR&gt;&lt;FONT color=#ff6600&gt;&lt;IMG border=0 alt=&quot;&quot; src=&quot;http://www.sanpipe.ir/Images/bullet.gif&quot;&gt;دستورالعمل نصب&lt;/FONT&gt; &lt;BR&gt;نصب لوله و اتصالات 5 لايه بسيار ساده و سريع ميباشد كه البته بايد توسط افراد مجرّب انجام گردد.&lt;/FONT&gt; &lt;/P&gt;
&lt;P align=justify&gt; &lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD&gt;
&lt;P align=center&gt;&lt;FONT size=2 face=Tahoma&gt;&lt;IMG border=0 alt=&quot;&quot; src=&quot;http://www.sanpipe.ir/Images/pic6.gif&quot;&gt;&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD&gt;
&lt;P align=justify&gt;&lt;IMG border=0 alt=&quot;&quot; src=&quot;http://www.sanpipe.ir/Images/bottom.gif&quot;&gt;&lt;FONT size=2 face=Tahoma&gt; ابتدا لوله را در اندازه هاي لازم اندازه ميزنيم وبا قيچي مخصوص برش ميدهيم, بايد دقت نمائيد لب لوله صاف , بدون پليسه و كاملاً گرد بريده شود.در هنگام قيچي كردن بايد علاوه بر باز و بسته نمودن دسته قيچي با دست ديگر لوله را به آرامي بر روي تيغه هاي قيچي بچرخانيد. اين كار باعث ميشود كه مقطع لوله شكل دايرهاي خود را حفظ كند. &lt;BR&gt;&lt;BR&gt; &lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD&gt;
&lt;P align=center&gt;&lt;FONT size=2 face=Tahoma&gt;&lt;IMG border=0 alt=&quot;&quot; src=&quot;http://www.sanpipe.ir/Images/pic7.gif&quot;&gt; 
&lt;P align=justify&gt;&lt;BR&gt; &lt;/P&gt;&lt;/FONT&gt;
&lt;P&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P&gt; &lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD&gt;
&lt;P align=justify&gt;&lt;IMG border=0 alt=&quot;&quot; src=&quot;http://www.sanpipe.ir/Images/bottom.gif&quot;&gt;&lt;FONT size=2 face=Tahoma&gt; سپس سر برقوررا داخل لوله كنيد و لب لوله را تراش دهيد، بطور همزمان داخل لوله به اندازه مناسب گشاد ميشود.در هنگام كاليبر كردن لوله بايد دقت شود كه جهت چرخش دستگاه كاليبر، چه در هنگام فرو بردن در داخل لوله و چه در هنگام خارج كردن از لوله بايد در جهت عقربه هاي ساعت باشد و در غير اين صورت ممكن است دسته دستگاه باز شود.&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD&gt;
&lt;P align=justify&gt; &lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD&gt;
&lt;P align=center&gt;&lt;FONT size=2 face=Tahoma&gt;&lt;IMG border=0 alt=&quot;&quot; src=&quot;http://www.sanpipe.ir/Images/pic8.gif&quot;&gt; &lt;BR&gt; &lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD&gt;
&lt;P align=justify&gt;&lt;IMG border=0 alt=&quot;&quot; src=&quot;http://www.sanpipe.ir/Images/bottom.gif&quot;&gt;&lt;FONT size=2 face=Tahoma&gt; لوله را ابتدا از داخل مهره رد نمائيد. &lt;BR&gt;&lt;BR&gt;&lt;/FONT&gt;&lt;IMG border=0 alt=&quot;&quot; src=&quot;http://www.sanpipe.ir/Images/bottom.gif&quot;&gt;&lt;FONT size=2 face=Tahoma&gt; سپس سرلوله را به مايع تسهيل كننده( آب و مواد شوينده) آغشته كنيد و داخل ماسوره قرار داده , دقت نمائيد لوله تا انتهاي ماسوره پيش برود. &lt;BR&gt; &lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD&gt;
&lt;P align=center&gt;&lt;FONT size=2 face=Tahoma&gt;&lt;IMG border=0 alt=&quot;&quot; src=&quot;http://www.sanpipe.ir/Images/pic9.gif&quot;&gt; &lt;BR&gt; &lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD&gt;
&lt;P align=justify&gt;&lt;IMG border=0 alt=&quot;&quot; src=&quot;http://www.sanpipe.ir/Images/bottom.gif&quot;&gt;&lt;FONT size=2 face=Tahoma&gt; در پايان ماسوره را داخل اتصال(سه راهي يا زانو...) قرار داده و تا يك رزوه به آخر, مهره را روي آن محكم كنيد. تا ماسوره بر روي لوله كاملاً پرچ شود . جهت سفت كردن اتصال از آچار فرانسه استفاده نمائيد و از استفاده ابزارهائي مانند لوله گير كه موجب تخريب اتصال و واردكردن فشار بيش از حد استاندارد به اتصال مي شود جداً پرهيز كنيد. &lt;BR&gt; &lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD&gt;
&lt;P align=center&gt;&lt;FONT size=2 face=Tahoma&gt;&lt;IMG border=0 alt=&quot;&quot; src=&quot;http://www.sanpipe.ir/Images/pic10.gif&quot;&gt; &lt;BR&gt; &lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD&gt;
&lt;P align=justify&gt;&lt;FONT size=2 face=Tahoma&gt;جهت افزايش عمر لوله ها از نصب آنها در برابر نور خورشيدخودداري نمائيد.وحتماً پس از اتمام كامل سيستم لوله كشي آن را با فشار 10 اتمسفر در 24 ساعت تست كنيد. &lt;BR&gt;درپايان لوله و اتصالات را در محل خود ثابت نمائيد و با نرمه و پلاستر سيمان روي لوله ها را بپوشانيد. &lt;BR&gt;&lt;BR&gt;جهت تبديل لوله هاي5 لايه از سايزي به سايز ديگر چگونه عمل نمائيم؟ &lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P align=justify&gt;&lt;FONT size=2 face=Tahoma&gt;طريقه استفاده از مهره ماسوره در سيستم رزوهاي اتصالات 5 لايه بسيار مهم ميباشد زيرا تقريبا تمامي تبديلها از سايزي به سايز ديگر با استفاده ازمهره ماسوره انجام ميگردد. &lt;BR&gt;براي درك بهتر ميتوانيم با يك مثال توضيح دهيم.فرض نماييد بوسيله يك سه راه ”4/3 از يك لوله 25 ميخواهيم 2 انشعاب يكي 16 و ديگري 20 ميليمتر بگيريد: &lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P align=justify&gt; &lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD&gt;
&lt;P align=center&gt;&lt;FONT size=2 face=Tahoma&gt;&lt;IMG border=0 alt=&quot;&quot; src=&quot;http://www.sanpipe.ir/Images/pic11.gif&quot;&gt; &lt;BR&gt; &lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD&gt;
&lt;P align=justify&gt;&lt;FONT size=2 face=Tahoma&gt;در شكل بالا به سايز مهره ماسوره ها توجه كنيد: &lt;BR&gt;براي انشعاب لوله 16 ازسه راه” 4/3 مهره ماسوره ”4/3×16 &lt;BR&gt;براي انشعاب لوله 20 ازسه راه ”4/3 مهره ماسوره” 4/3×20 &lt;BR&gt;براي انشعاب لوله 25 ازسه راه ”4/3 مهره ماسوره” 4/3×25 &lt;BR&gt;استفاده شده است . &lt;BR&gt;&lt;BR&gt;هميشه در استفاده از مهره ماسوره دقت نمائيد كه سايز طرف نصب به اتصال بصورت اتصالات فلزي به اينچ لوله مي باشد مانند ”2/1 و”4/3 و”1 و طرف متصل به لوله به ميليمتر مانند 16 ميليمتر , 20 ميليمتر, 25 ميليمترو 32 ميليمتر. &lt;BR&gt;&lt;BR&gt; &lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD&gt;
&lt;P align=justify&gt;&lt;FONT size=2 face=Tahoma&gt;برخي از اندازه هاي مهره ماسوره در زير آمده است : &lt;BR&gt;  &lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;DIV align=center&gt;
&lt;TABLE style=&quot;BORDER-COLLAPSE: collapse&quot; id=table2 border=1 cellSpacing=0 borderColor=#ff6600 cellPadding=0 width=&quot;80%&quot;&gt;
&lt;TBODY&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD style=&quot;wordwrap: break-word&quot; height=30 vAlign=top width=321&gt;
&lt;P dir=rtl align=center&gt;&lt;FONT size=2 face=Tahoma&gt;”4/3×16   ”2/1×16&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;
&lt;TD style=&quot;wordwrap: break-word&quot; height=30 vAlign=top width=425&gt;
&lt;H3 style=&quot;MARGIN-LEFT: 20px; MARGIN-RIGHT: 20px&quot; dir=rtl align=justify&gt;&lt;SPAN style=&quot;FONT-WEIGHT: 400&quot;&gt;&lt;FONT size=2 face=Tahoma&gt;مهره ماسوره ‌هاي لوله mm16 &lt;/FONT&gt;&lt;/SPAN&gt;&lt;/H3&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD style=&quot;wordwrap: break-word&quot; height=30 vAlign=top width=321&gt;
&lt;P dir=rtl align=center&gt;&lt;FONT size=2 face=Tahoma&gt;”4/3×20    ”2/1×20&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;
&lt;TD style=&quot;wordwrap: break-word&quot; height=30 vAlign=top width=425&gt;
&lt;P style=&quot;MARGIN-LEFT: 20px; MARGIN-RIGHT: 20px&quot; dir=rtl align=justify&gt;&lt;FONT size=2 face=Tahoma&gt;مهره ماسوره ‌هاي لولهmm20&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD style=&quot;wordwrap: break-word&quot; height=30 vAlign=top width=321&gt;
&lt;P dir=rtl align=center&gt;&lt;FONT size=2 face=Tahoma&gt;”1×25    ”4/3×25&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;
&lt;TD style=&quot;wordwrap: break-word&quot; height=30 vAlign=top width=425&gt;
&lt;P style=&quot;MARGIN-LEFT: 20px; MARGIN-RIGHT: 20px&quot; dir=rtl align=justify&gt;&lt;FONT size=2 face=Tahoma&gt;مهره ماسوره ‌هاي لوله mm25 &lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD style=&quot;wordwrap: break-word&quot; height=30 vAlign=top width=321&gt;
&lt;P dir=rtl align=center&gt;&lt;FONT size=2 face=Tahoma&gt;”1×32&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;
&lt;TD style=&quot;wordwrap: break-word&quot; height=30 vAlign=top width=425&gt;
&lt;P style=&quot;MARGIN-LEFT: 20px; MARGIN-RIGHT: 20px&quot; dir=rtl align=justify&gt;&lt;FONT size=2 face=Tahoma&gt;مهره ماسوره ‌هاي لولهmm32 &lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;&lt;/TBODY&gt;&lt;/TABLE&gt;
&lt;P style=&quot;MARGIN-LEFT: 20px; MARGIN-RIGHT: 20px&quot; dir=rtl align=justify&gt;  &lt;/P&gt;
&lt;DIV align=center&gt;
&lt;TABLE id=table3 border=0 cellPadding=0 width=&quot;100%&quot;&gt;
&lt;TBODY&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD&gt;
&lt;P align=center&gt;&lt;IMG border=0 alt=&quot;&quot; src=&quot;http://www.sanpipe.ir/Files/Images/form_test.gif&quot; width=480 height=716&gt; &lt;BR&gt;&lt;BR&gt; &lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;&lt;/TBODY&gt;&lt;/TABLE&gt;&lt;/DIV&gt;
&lt;TABLE style=&quot;BORDER-COLLAPSE: collapse&quot; id=table4 border=1 borderColor=#0099ff cellPadding=0 width=&quot;90%&quot;&gt;
&lt;TBODY&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD bgColor=#ddeeff height=25 width=388&gt;
&lt;P align=center&gt;&lt;FONT size=2 face=Tahoma&gt;محل نصب &lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;
&lt;TD bgColor=#ddeeff height=20&gt;
&lt;P align=center&gt;&lt;FONT size=2 face=Tahoma&gt;حداکثر سرعت خطی آب&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD height=25 width=388&gt;
&lt;P style=&quot;MARGIN-RIGHT: 10px&quot; align=right&gt;&lt;FONT size=2 face=Tahoma&gt;محل اتصال لوله ها&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;
&lt;TD height=20 align=middle&gt;&lt;FONT size=2 face=Tahoma&gt;2&lt;/FONT&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD height=25 width=388&gt;
&lt;P style=&quot;MARGIN-RIGHT: 10px&quot; align=right&gt;&lt;FONT size=2 face=Tahoma&gt;لوله های سرویس و بخشهای فلزی&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;
&lt;TD height=20 align=middle&gt;&lt;FONT size=2 face=Tahoma&gt;2&lt;/FONT&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD height=25 width=388&gt;
&lt;P style=&quot;MARGIN-RIGHT: 10px&quot; align=right&gt;&lt;FONT size=2 face=Tahoma&gt;بخشهایی که به گلوگاه فلزی منتهی می شود&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;
&lt;TD height=20 align=middle&gt;&lt;FONT size=2 face=Tahoma&gt;2/5&lt;/FONT&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;&lt;/TBODY&gt;&lt;/TABLE&gt;
&lt;P style=&quot;MARGIN-LEFT: 20px; MARGIN-RIGHT: 20px&quot; dir=rtl align=justify&gt;&lt;FONT size=2 face=Tahoma&gt;برای تعیین قطر لوله اطلاعات ذیل مورد نیاز است : &lt;BR&gt;&lt;BR&gt;&lt;/FONT&gt;&lt;FONT dir=rtl class=PropertiesValue&gt;&lt;FONT size=2 face=Tahoma&gt;&lt;IMG border=0 alt=&quot;&quot; src=&quot;http://www.sanpipe.ir/Images/bottom.gif&quot; width=11 height=8&gt; &lt;/FONT&gt;&lt;/FONT&gt;&lt;FONT size=2 face=Tahoma&gt;حد اقل فشار منبع جریان (حد اقل فشار آب در شبکه ) &lt;BR&gt;&lt;BR&gt;&lt;/FONT&gt;&lt;FONT dir=rtl class=PropertiesValue&gt;&lt;FONT size=2 face=Tahoma&gt;&lt;IMG border=0 alt=&quot;&quot; src=&quot;http://www.sanpipe.ir/Images/bottom.gif&quot; width=11 height=8&gt; &lt;/FONT&gt;&lt;/FONT&gt;&lt;FONT size=2 face=Tahoma&gt;تغییرات ارتفاع &lt;BR&gt;&lt;BR&gt;&lt;/FONT&gt;&lt;FONT dir=rtl class=PropertiesValue&gt;&lt;FONT size=2 face=Tahoma&gt;&lt;IMG border=0 alt=&quot;&quot; src=&quot;http://www.sanpipe.ir/Images/bottom.gif&quot; width=11 height=8&gt; &lt;/FONT&gt;&lt;/FONT&gt;&lt;FONT size=2 face=Tahoma&gt;افت فشار بدلیل وجود دستگاههایی مانند کنتور - فیلتر - نصب دستگاههای تصفیه یا نرم کننده و ... &lt;BR&gt;&lt;BR&gt;&lt;/FONT&gt;&lt;FONT dir=rtl class=PropertiesValue&gt;&lt;FONT size=2 face=Tahoma&gt;&lt;IMG border=0 alt=&quot;&quot; src=&quot;http://www.sanpipe.ir/Images/bottom.gif&quot; width=11 height=8&gt; &lt;/FONT&gt;&lt;/FONT&gt;&lt;FONT size=2 face=Tahoma&gt;ضریب اصطکاک لوله با توجه به نوع مواد لوله ( ضریب اصطکاک لوله ها برابر 0/007 میلیمتر می باشد که این مقدار در مقایسه با انواع لوله ها ضریب اصطکاک پایینی می باشد ) &lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P style=&quot;MARGIN-LEFT: 20px; MARGIN-RIGHT: 20px&quot; dir=rtl align=justify&gt;&lt;FONT dir=rtl class=PropertiesValue&gt;&lt;FONT size=2 face=Tahoma&gt;&lt;IMG border=0 alt=&quot;&quot; src=&quot;http://www.sanpipe.ir/Images/bottom.gif&quot; width=11 height=8&gt; &lt;/FONT&gt;&lt;/FONT&gt;&lt;FONT size=2 face=Tahoma&gt;ضریب افت برای اتصال لوله و محل اتصال لوله ها &lt;BR&gt;&lt;BR&gt;از طرفی برای هر یک از خروجی های آب در محل مصرف بایستی یک مقدار حد اقل دبی آب ( بر حسب لیتر در ثانیه ) در دست باشد این مقادیر بر اساس استاندارد &lt;SPAN lang=en-us&gt;DIN1988 &lt;/SPAN&gt; در شکل شماره 18 آورده شده است &lt;BR&gt;افت فشار در یک مسیر آب برابر با مجموع افت فشار در طول لوله و افت فشار در اتصالات موجود در مسیر می باشد . میزان افت فشار در لوله با توجه به منحنی نشان داده شده محاسبه می شود بعنوان نمونه اگر از لوله با قطر 63 (با قطر داخلی 51 میلیمتر ) استفاده شود و میزان عبور آب در آن 5/3 لیتر در ثانیه باشد میزان افت فشار طبق منحنی برابر 175 میلیمتر ستون آب خواهد بود . برای محاسبه افت فشار در اتصلات از رابطه زیر استفاده می شود .&lt;/FONT&gt; &lt;BR&gt;&lt;BR&gt;&lt;SPAN lang=en-us&gt;R= 5&lt;FONT face=&quot;Photoshop Large&quot;&gt;V&lt;/FONT&gt;&lt;FONT face=Symbol&gt; SV &lt;BR&gt;&lt;BR&gt;&lt;/FONT&gt;&lt;FONT size=2 face=Tahoma&gt; &lt;/FONT&gt;&lt;/SPAN&gt;&lt;FONT size=2 face=Tahoma&gt;که در این رابطه :&lt;/FONT&gt; &lt;BR&gt;&lt;BR&gt;&lt;SPAN lang=en-us&gt;R&lt;/SPAN&gt;:&lt;SPAN lang=en-us&gt; &lt;/SPAN&gt;&lt;FONT size=2 face=Tahoma&gt;افت فشار در اتصال بر حسب میلی بار &lt;/FONT&gt;&lt;FONT size=2&gt;&lt;FONT face=Tahoma&gt;&lt;BR&gt;&lt;/FONT&gt;&lt;SPAN lang=en-us&gt;&lt;FONT face=Tahoma&gt;V&lt;/FONT&gt;&lt;/SPAN&gt;&lt;FONT face=Tahoma&gt;: سرعت خطی آب بر حسب متر بر ثانیه &lt;BR&gt;&lt;/FONT&gt;&lt;/FONT&gt;&lt;FONT face=Symbol&gt;&lt;SPAN lang=en-us&gt;S&lt;/SPAN&gt;: &lt;/FONT&gt;&lt;FONT size=2 face=Tahoma&gt;ضریب افت فشار برای هر یک از اتصالات می باشد&lt;/FONT&gt; &lt;BR&gt;&lt;FONT size=2 face=Tahoma&gt;&lt;BR&gt;در جدول شماره 10 افت فشار اتصالات مختلف نشان داده شده است . در نهایت با محاسبه مجموع افت فشار در یک مسیر و با توجه به فشار شبکه آبرسانی و تغییرات ارتفاع قطر لوله مناسب انتخاب می شود.&lt;/FONT&gt; &lt;/P&gt;
&lt;P style=&quot;MARGIN-LEFT: 20px; MARGIN-RIGHT: 20px&quot; dir=rtl align=justify&gt;  &lt;/P&gt;
&lt;DIV align=center&gt;
&lt;TABLE id=table5 border=0 cellPadding=0 width=&quot;100%&quot;&gt;
&lt;TBODY&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD&gt;
&lt;P align=center&gt;&lt;IMG border=0 alt=&quot;&quot; src=&quot;http://www.sanpipe.ir/Files/Images/oft_feshar.jpg&quot;&gt;&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;&lt;/TBODY&gt;&lt;/TABLE&gt;&lt;/DIV&gt;
&lt;P style=&quot;MARGIN-LEFT: 20px; MARGIN-RIGHT: 20px&quot; dir=rtl align=justify&gt; &lt;/P&gt;&lt;/DIV&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;&lt;/TBODY&gt;&lt;/TABLE&gt;</description>
<pubDate>Sat, 31 Oct 2009 13:24:43 GMT</pubDate>
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<title>گرمایش کف</title>
<link>http://lootty.blogfa.com/post-426.aspx</link>
<description>&lt;TABLE border=0 cellSpacing=0 cellPadding=0 width=&quot;100%&quot; height=&quot;100%&quot;&gt;
&lt;TBODY&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD vAlign=top&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;/P&gt;
&lt;TABLE border=0 cellSpacing=3 cellPadding=3 width=677&gt;
&lt;TBODY&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD width=4&gt; &lt;/TD&gt;
&lt;TD width=299&gt;
&lt;P&gt;&lt;IMG border=0 src=&quot;http://www.isopipegk.com/pic/Garmayesh-Kafi-(16).jpg&quot; width=407 height=248&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P&gt;&lt;IMG border=0 src=&quot;http://www.isopipegk.com/pic/Garmayesh-Kafi-(17).jpg&quot; width=393 height=255&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P&gt; &lt;/P&gt;
&lt;P&gt; &lt;/P&gt;
&lt;P&gt;&lt;IMG border=0 src=&quot;http://www.isopipegk.com/pic/Garmayesh-Kafi-(3).jpg&quot; width=399 height=249&gt;&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;
&lt;TD width=268&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD width=4&gt; &lt;/TD&gt;
&lt;TD width=299&gt;
&lt;P&gt;&lt;IMG border=0 src=&quot;http://www.isopipegk.com/pic/Garmayesh-Kafi-(21).jpg&quot; width=396 height=250&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P&gt; &lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;
&lt;TD width=268&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD width=4&gt;
&lt;P align=center&gt; &lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;
&lt;TD width=299&gt;
&lt;P&gt;&lt;IMG border=0 src=&quot;http://www.isopipegk.com/pic/Garmayesh-Kafi-(24).jpg&quot; width=403 height=253&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P&gt;&lt;IMG border=0 src=&quot;http://www.isopipegk.com/pic/Garmayesh-Kafi-(15).jpg&quot; width=408 height=258&gt;&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;
&lt;TD width=268&gt;
&lt;P&gt; &lt;/P&gt;
&lt;P&gt; &lt;/P&gt;
&lt;P&gt; &lt;/P&gt;
&lt;P&gt; &lt;/P&gt;
&lt;P&gt; &lt;/P&gt;
&lt;P&gt; &lt;/P&gt;
&lt;P&gt; &lt;/P&gt;
&lt;P&gt; &lt;/P&gt;
&lt;P&gt; &lt;/P&gt;
&lt;P&gt; &lt;/P&gt;
&lt;P&gt; &lt;/P&gt;
&lt;P&gt; &lt;/P&gt;
&lt;P&gt; &lt;/P&gt;
&lt;P&gt; &lt;/P&gt;
&lt;P&gt; &lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD width=4&gt; &lt;/TD&gt;
&lt;TD width=299&gt;
&lt;P&gt;&lt;IMG border=0 src=&quot;http://www.isopipegk.com/pic/Garmayesh-Kafi-(4).jpg&quot; width=402 height=261&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P&gt; &lt;/P&gt;
&lt;P&gt;&lt;IMG border=0 src=&quot;http://www.isopipegk.com/pic/Garmayesh-Kafi-(13).jpg&quot; width=399 height=249&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P&gt; &lt;/P&gt;
&lt;P&gt; &lt;/P&gt;
&lt;P&gt; &lt;/P&gt;
&lt;P&gt; &lt;/P&gt;
&lt;P&gt; &lt;/P&gt;
&lt;P&gt; &lt;/P&gt;
&lt;P&gt; &lt;/P&gt;
&lt;P&gt; &lt;/P&gt;
&lt;P align=center&gt;&lt;IMG border=0 src=&quot;http://www.isopipegk.com/images/gallery/ice-melt-stairs-hospital.gif&quot; width=178 height=224&gt;&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;
&lt;TD width=268&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD width=4&gt; &lt;/TD&gt;
&lt;TD width=299&gt;
&lt;P align=center&gt;&lt;IMG border=0 src=&quot;http://www.isopipegk.com/images/gallery/retrofit-heated-driveway-as.gif&quot; width=183 height=231&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P align=center&gt;&lt;IMG border=0 src=&quot;http://www.isopipegk.com/images/gallery/PERT_PEX_Pipe.jpg&quot; width=183 height=229&gt;&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;
&lt;TD width=268&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD width=4&gt; &lt;/TD&gt;
&lt;TD width=299&gt;
&lt;P align=center&gt;&lt;IMG border=0 src=&quot;http://www.isopipegk.com/images/gallery/ice-dams-left.gif&quot; width=186 height=225&gt;&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;
&lt;TD width=268&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD width=4&gt; &lt;/TD&gt;
&lt;TD width=299&gt;
&lt;P align=center&gt;&lt;IMG border=0 src=&quot;http://www.isopipegk.com/images/gallery/snow-melt-pavers-commercial.gif&quot; width=191 height=229&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P align=center&gt;&lt;IMG border=0 src=&quot;http://www.isopipegk.com/images/gallery/ice-dam-right.gif&quot; width=179 height=225&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P&gt; &lt;/P&gt;
&lt;P align=center&gt;&lt;IMG border=0 src=&quot;http://www.isopipegk.com/images/gallery/smstairs1.gif&quot; width=152 height=229&gt;&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;
&lt;TD width=268&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD width=4&gt; &lt;/TD&gt;
&lt;TD width=299&gt;
&lt;P align=center&gt;&lt;IMG border=0 src=&quot;http://www.isopipegk.com/images/gallery/baby-floor-heat-tile-carpet.gif&quot; width=191 height=234&gt;&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;
&lt;TD width=268&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD width=4&gt; &lt;/TD&gt;
&lt;TD width=299&gt;
&lt;P align=center&gt;&lt;IMG border=0 src=&quot;http://www.isopipegk.com/images/gallery/mesh-under-shingles-no-gutt.gif&quot; width=182 height=225&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P align=center&gt;&lt;IMG border=0 src=&quot;http://www.isopipegk.com/images/gallery/mesh-under-asphalt-install.gif&quot; width=177 height=224&gt;&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;
&lt;TD width=268&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD width=4&gt; &lt;/TD&gt;
&lt;TD width=299&gt;
&lt;P align=center&gt;&lt;IMG border=0 src=&quot;http://www.isopipegk.com/images/gallery/heated-driveway-pavers.gif&quot; width=180 height=224&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P align=center&gt;&lt;IMG border=0 src=&quot;http://www.isopipegk.com/images/gallery/concrete-heated-driveway-br.gif&quot; width=203 height=249&gt;&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;
&lt;TD width=268&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD width=4&gt; &lt;/TD&gt;
&lt;TD width=299&gt;
&lt;P align=center&gt;&lt;IMG border=0 src=&quot;http://www.isopipegk.com/images/gallery/beach-home.gif&quot; width=268 height=197&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P align=center&gt;&lt;IMG border=0 src=&quot;http://www.isopipegk.com/images/gallery/f_9560183_1.jpg&quot; width=285 height=191&gt;&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;
&lt;TD width=268&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD width=4&gt; &lt;/TD&gt;
&lt;TD width=299&gt;
&lt;P align=center&gt;&lt;IMG border=0 src=&quot;http://www.isopipegk.com/images/gallery/solar-hydronic-radiant-floor.jpg&quot; width=248 height=188&gt;&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;
&lt;TD width=268&gt; &lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;&lt;/TBODY&gt;&lt;/TABLE&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;IMG style=&quot;WIDTH: 357px; HEIGHT: 152px&quot; border=0 src=&quot;http://www.isopipegk.com/images/gallery/warm3.jpg&quot; width=699 height=191&gt;&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;
&lt;TD vAlign=top width=4&gt;
&lt;P dir=rtl&gt; &lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;&lt;/TBODY&gt;&lt;/TABLE&gt;</description>
<pubDate>Tue, 20 Oct 2009 08:15:18 GMT</pubDate>
<comments>http://commenting.blogfa.com/?blogid=lootty&amp;postid=426</comments>
<dc:creator>lootty</dc:creator>
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</item>
<item>
<title>ماهنامه پیام مدرسه(5)</title>
<link>http://lootty.blogfa.com/post-425.aspx</link>
<description>&lt;P dir=rtl align=center&gt;&lt;STRONG&gt;&lt;FONT size=3&gt;ماهنامه پیام مدرسه&lt;/FONT&gt;&lt;/STRONG&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl align=right&gt;&lt;STRONG&gt;&lt;FONT size=3&gt;بامداد پیروزی&lt;/FONT&gt;&lt;/STRONG&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;سحر آهسته می آید ، سرافراز و خروش آهنگ و از قید و بندی رسته می آید . &lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;سحر در کوچه های شهر، بارانی ز خون بارد و با فریاد و خشمی سرخ بر فرش خیابان لاله می کارد. &lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;غم اندوه صدها سال شاهنشاهی منحوس، کنون فریاد می گردد، و از حلقوم میلیونها زن و مرد در فضای آبی گیتی ، لزره می اندازد . &lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;سحر آهسته می آید و با پاهای خون آلود و سرخ و خسته می آید . زیرا از گذرگاهی گذشته که به هر گامی ، گلی خونرنگ بر گور شهیدی پاک روئیده ، کنون روح خدا بر پیکر افسرده ملت دمیده کنون روح خدا بر کشور ایران دمیده . &lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;همه بتخانه ها ویران، بتها سرنگون گشته ، و این است آنچه تاریخ سیه را سرخ می سازد و از گور شهیدان لاله های سرخ می روید و صبحی پرامید روشن و شایسته می آید . &lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;
&lt;TABLE cellSpacing=0 cellPadding=0 width=&quot;100%&quot;&gt;
&lt;TBODY&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD&gt;
&lt;DIV&gt;
&lt;P&gt;&lt;/P&gt;&lt;/DIV&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;&lt;/TBODY&gt;&lt;/TABLE&gt;دیدی که سحر از پی شب در راه است    دیدی که دوام شب بسی کوتاه است &lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;  &lt;/P&gt;</description>
<pubDate>Tue, 10 Mar 2009 18:01:18 GMT</pubDate>
<comments>http://commenting.blogfa.com/?blogid=lootty&amp;postid=425</comments>
<dc:creator>olyai</dc:creator>
<guid>http://lootty.blogfa.com/post-425.aspx</guid>
</item>
<item>
<title>پیامک جدید</title>
<link>http://lootty.blogfa.com/post-424.aspx</link>
<description>&lt;P dir=rtl&gt; &lt;A href=&quot;http://irandidar.blogfa.com/&quot;&gt; &lt;/A&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl align=center&gt;گل نیست چنین سرکش و رعنا که توئی / مه نیست بدین گونه فریبا که توئی&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl align=center&gt;غم بر سر غم ریخته آنجا که منم / دل بر سر دل ریخته آنجا که توئی . . .&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl align=center&gt;.&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl align=center&gt;&lt;A href=&quot;http://irandidar.blogfa.com/&quot;&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;*&lt;/B&gt;&lt;B&gt; *&lt;/B&gt;&lt;B&gt; &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;*&lt;/B&gt;&lt;B&gt; * &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;*&lt;/B&gt;&lt;B&gt; &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;*&lt;/B&gt;&lt;B&gt; *&lt;/B&gt;&lt;B&gt; &lt;/B&gt;&lt;B&gt;*&lt;/B&gt;&lt;B&gt; * &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;/A&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl align=center&gt;اگر دریای دل آبی ست ٬ توئی فانوس شبهایش&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl align=center&gt;اگر حرفی زدم از گل ٬ توئی مفهوم معنایش . . .&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl align=center&gt;&lt;A href=&quot;http://irandidar.blogfa.com/&quot;&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;*&lt;/B&gt;&lt;B&gt; *&lt;/B&gt;&lt;B&gt; &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;*&lt;/B&gt;&lt;B&gt; * &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;*&lt;/B&gt;&lt;B&gt; &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;*&lt;/B&gt;&lt;B&gt; *&lt;/B&gt;&lt;B&gt; &lt;/B&gt;&lt;B&gt;*&lt;/B&gt;&lt;B&gt; * &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;/A&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl align=center&gt;آفتاب پنجره را میشناسد ٬ حتی اگر بسته باشد&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl align=center&gt;مهتاب به دیدارم میآید حتی اگر خسته باشد&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl align=center&gt;و دل هوای تو را دارد حتی اگر شکسته باشد . . .&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl align=center&gt;&lt;A href=&quot;http://irandidar.blogfa.com/&quot;&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;*&lt;/B&gt;&lt;B&gt; *&lt;/B&gt;&lt;B&gt; &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;*&lt;/B&gt;&lt;B&gt; * &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;*&lt;/B&gt;&lt;B&gt; &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;*&lt;/B&gt;&lt;B&gt; *&lt;/B&gt;&lt;B&gt; &lt;/B&gt;&lt;B&gt;*&lt;/B&gt;&lt;B&gt; * &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;/A&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl align=center&gt;در دایره عشق اگر باران بلا بارید ٬ عاشق آن است که از دایره بیرون نرود . . .&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl align=center&gt;&lt;A href=&quot;http://irandidar.blogfa.com/&quot;&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;*&lt;/B&gt;&lt;B&gt; *&lt;/B&gt;&lt;B&gt; &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;*&lt;/B&gt;&lt;B&gt; * &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;*&lt;/B&gt;&lt;B&gt; &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;*&lt;/B&gt;&lt;B&gt; *&lt;/B&gt;&lt;B&gt; &lt;/B&gt;&lt;B&gt;*&lt;/B&gt;&lt;B&gt; * &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;/A&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl align=center&gt;خودم افتخار میکنم ٬ چون قلب کسی را تسخیر کرده ام که هنوز&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl align=center&gt;کسی اجازه وارد شدن به آن را نداشته و نخواهد داشت . . .&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl align=center&gt;&lt;A href=&quot;http://irandidar.blogfa.com/&quot;&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;*&lt;/B&gt;&lt;B&gt; *&lt;/B&gt;&lt;B&gt; &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;*&lt;/B&gt;&lt;B&gt; * &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;*&lt;/B&gt;&lt;B&gt; &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;*&lt;/B&gt;&lt;B&gt; *&lt;/B&gt;&lt;B&gt; &lt;/B&gt;&lt;B&gt;*&lt;/B&gt;&lt;B&gt; * &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;/A&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl align=center&gt;هیچوقت نگفته اند که به زور باید لبخند زد ٬ بعضی وقتها باید تا نهایت آرامش گریست&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl align=center&gt;آنگاه تبسمی مهمان لبهایت میشود که زیباتر از رنگین کمان بعد از باران است . . .&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl align=center&gt;&lt;A href=&quot;http://irandidar.blogfa.com/&quot;&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;*&lt;/B&gt;&lt;B&gt; *&lt;/B&gt;&lt;B&gt; &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;*&lt;/B&gt;&lt;B&gt; * &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;*&lt;/B&gt;&lt;B&gt; &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;*&lt;/B&gt;&lt;B&gt; *&lt;/B&gt;&lt;B&gt; &lt;/B&gt;&lt;B&gt;*&lt;/B&gt;&lt;B&gt; * &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;/A&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl align=center&gt;پروانه احساسم در دام عنکبوتی افتاد ٬ که عنکبوتش سیر است ٬ نه میتواند&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl align=center&gt;پرواز کند ٬ نه میتواند بمیرد  . . .&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl align=center&gt;&lt;A href=&quot;http://irandidar.blogfa.com/&quot;&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;*&lt;/B&gt;&lt;B&gt; *&lt;/B&gt;&lt;B&gt; &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;*&lt;/B&gt;&lt;B&gt; * &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;*&lt;/B&gt;&lt;B&gt; &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;*&lt;/B&gt;&lt;B&gt; *&lt;/B&gt;&lt;B&gt; &lt;/B&gt;&lt;B&gt;*&lt;/B&gt;&lt;B&gt; * &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;/A&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl align=center&gt;یه شاخه گل ٬ یه دنیا مهربونی ٬ تقدیم به تو که هم گلی هم مهربونی . . .&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl align=center&gt;&lt;A href=&quot;http://irandidar.blogfa.com/&quot;&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;*&lt;/B&gt;&lt;B&gt; *&lt;/B&gt;&lt;B&gt; &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;*&lt;/B&gt;&lt;B&gt; * &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;*&lt;/B&gt;&lt;B&gt; &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;*&lt;/B&gt;&lt;B&gt; *&lt;/B&gt;&lt;B&gt; &lt;/B&gt;&lt;B&gt;*&lt;/B&gt;&lt;B&gt; * &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;/A&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl align=center&gt; &lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl align=center&gt;دلم تنگ است ٬ دلم میسوزد از باغی که میسوزد .&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl align=center&gt;نه دیداری ٬ نه بیداری ٬ نه دستی از سر یاری&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl align=center&gt;مرا آشفته میدارد چنین آشفته بازاری . .  .&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl align=center&gt;&lt;A href=&quot;http://irandidar.blogfa.com/&quot;&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;*&lt;/B&gt;&lt;B&gt; *&lt;/B&gt;&lt;B&gt; &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;*&lt;/B&gt;&lt;B&gt; * &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;*&lt;/B&gt;&lt;B&gt; &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;*&lt;/B&gt;&lt;B&gt; *&lt;/B&gt;&lt;B&gt; &lt;/B&gt;&lt;B&gt;*&lt;/B&gt;&lt;B&gt; * &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;/A&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl align=center&gt;میگن غمتو به هیچکس نگو ٬ حتی به چشات ٬ چون اونم اشک میریزه و رسوات میکنه .&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl align=center&gt;&lt;A href=&quot;http://irandidar.blogfa.com/&quot;&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;*&lt;/B&gt;&lt;B&gt; *&lt;/B&gt;&lt;B&gt; &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;*&lt;/B&gt;&lt;B&gt; * &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;*&lt;/B&gt;&lt;B&gt; &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;*&lt;/B&gt;&lt;B&gt; *&lt;/B&gt;&lt;B&gt; &lt;/B&gt;&lt;B&gt;*&lt;/B&gt;&lt;B&gt; * &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;/A&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl align=center&gt;هر دم به بهانه ای تو را یاد کنم / افسرده دلم را به یاد تو شاد کنم&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl align=center&gt;بی تو دل من چون کلبه ای محزون است / با یاد تو این خرابه آباد کنم . . .&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl align=center&gt;&lt;A href=&quot;http://irandidar.blogfa.com/&quot;&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;*&lt;/B&gt;&lt;B&gt; *&lt;/B&gt;&lt;B&gt; &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;*&lt;/B&gt;&lt;B&gt; * &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;*&lt;/B&gt;&lt;B&gt; &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;*&lt;/B&gt;&lt;B&gt; *&lt;/B&gt;&lt;B&gt; &lt;/B&gt;&lt;B&gt;*&lt;/B&gt;&lt;B&gt; * &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;/A&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl align=center&gt;ای کاش دنیا ساعت بود و من و تو عقربه های آن&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl align=center&gt;تا هر یک ساعت یک بار به هم میرسیدیم . . . !&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl align=center&gt;&lt;A href=&quot;http://irandidar.blogfa.com/&quot;&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;*&lt;/B&gt;&lt;B&gt; *&lt;/B&gt;&lt;B&gt; &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;*&lt;/B&gt;&lt;B&gt; * &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;*&lt;/B&gt;&lt;B&gt; &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;*&lt;/B&gt;&lt;B&gt; *&lt;/B&gt;&lt;B&gt; &lt;/B&gt;&lt;B&gt;*&lt;/B&gt;&lt;B&gt; * &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;/A&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl align=center&gt;خدایم ای خدایم ای خدایم / صدایت میکنم بشنو صدایم&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl align=center&gt;صدای خسته و تنها ترینم / که زیر موج نامهربانان شکستم . . .&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl align=center&gt;&lt;A href=&quot;http://irandidar.blogfa.com/&quot;&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;*&lt;/B&gt;&lt;B&gt; *&lt;/B&gt;&lt;B&gt; &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;*&lt;/B&gt;&lt;B&gt; * &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;*&lt;/B&gt;&lt;B&gt; &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;*&lt;/B&gt;&lt;B&gt; *&lt;/B&gt;&lt;B&gt; &lt;/B&gt;&lt;B&gt;*&lt;/B&gt;&lt;B&gt; * &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;/A&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl align=center&gt; &lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl align=center&gt;چرا اونائی که دم از رفاقت میززن / تو لحظه های بیکسی قیدتو راحت میزنن ؟&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl align=center&gt;&lt;A href=&quot;http://irandidar.blogfa.com/&quot;&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;*&lt;/B&gt;&lt;B&gt; *&lt;/B&gt;&lt;B&gt; &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;*&lt;/B&gt;&lt;B&gt; * &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;*&lt;/B&gt;&lt;B&gt; &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;*&lt;/B&gt;&lt;B&gt; *&lt;/B&gt;&lt;B&gt; &lt;/B&gt;&lt;B&gt;*&lt;/B&gt;&lt;B&gt; * &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;/A&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl align=center&gt;خزان که مال ما شد ٬ بهار مال شما&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl align=center&gt;صاف و ساده بگویم ٬ سلام ٬ حال شما . . . ؟!&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl align=center&gt; &lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl align=center&gt;&lt;A href=&quot;http://irandidar.blogfa.com/&quot;&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;*&lt;/B&gt;&lt;B&gt; *&lt;/B&gt;&lt;B&gt; &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;*&lt;/B&gt;&lt;B&gt; * &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;*&lt;/B&gt;&lt;B&gt; &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;*&lt;/B&gt;&lt;B&gt; *&lt;/B&gt;&lt;B&gt; &lt;/B&gt;&lt;B&gt;*&lt;/B&gt;&lt;B&gt; * &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;/A&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl align=center&gt;خدا از بهترین ها فقط یک دونه خلق کرده . دقت کردی چقدر تنهایی ؟؟!!&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl align=center&gt;&lt;A href=&quot;http://irandidar.blogfa.com/&quot;&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;*&lt;/B&gt;&lt;B&gt; *&lt;/B&gt;&lt;B&gt; &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;*&lt;/B&gt;&lt;B&gt; * &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;*&lt;/B&gt;&lt;B&gt; &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;*&lt;/B&gt;&lt;B&gt; *&lt;/B&gt;&lt;B&gt; &lt;/B&gt;&lt;B&gt;*&lt;/B&gt;&lt;B&gt; * &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;/A&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl align=center&gt;گاه سکوت یک دوست معجزه می کند و تو می آموزی که همیشه بودن در فریاد نیست...&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl align=center&gt;&lt;A href=&quot;http://irandidar.blogfa.com/&quot;&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;*&lt;/B&gt;&lt;B&gt; *&lt;/B&gt;&lt;B&gt; &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;*&lt;/B&gt;&lt;B&gt; * &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;*&lt;/B&gt;&lt;B&gt; &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;*&lt;/B&gt;&lt;B&gt; *&lt;/B&gt;&lt;B&gt; &lt;/B&gt;&lt;B&gt;*&lt;/B&gt;&lt;B&gt; * &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;/A&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl align=center&gt;دلم با عشق تو عاشق ترین شدتمام لحظه هایم بهترین شد. ولی بی مهریت کار دلم ساخت . دل تنهای من تنها ترین شد&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl align=center&gt;&lt;A href=&quot;http://irandidar.blogfa.com/&quot;&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;*&lt;/B&gt;&lt;B&gt; *&lt;/B&gt;&lt;B&gt; &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;*&lt;/B&gt;&lt;B&gt; * &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;*&lt;/B&gt;&lt;B&gt; &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;*&lt;/B&gt;&lt;B&gt; *&lt;/B&gt;&lt;B&gt; &lt;/B&gt;&lt;B&gt;*&lt;/B&gt;&lt;B&gt; * &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;/A&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl align=center&gt;وقتی از کسی که دوستش داری هیچ خبری نیست خوشحال باش ! چون حتما حالش خوبه و همه چیز رو به راهه که از یادش رفتی&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl align=center&gt;&lt;A href=&quot;http://irandidar.blogfa.com/&quot;&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;*&lt;/B&gt;&lt;B&gt; *&lt;/B&gt;&lt;B&gt; &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;*&lt;/B&gt;&lt;B&gt; * &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;*&lt;/B&gt;&lt;B&gt; &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;*&lt;/B&gt;&lt;B&gt; *&lt;/B&gt;&lt;B&gt; &lt;/B&gt;&lt;B&gt;*&lt;/B&gt;&lt;B&gt; * &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;/A&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl align=center&gt;عاشقان را عشق فرمان می دهد. لوتیان را معرفت...  مخلصیم با معرفت ... !&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl align=center&gt;&lt;A href=&quot;http://irandidar.blogfa.com/&quot;&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;*&lt;/B&gt;&lt;B&gt; *&lt;/B&gt;&lt;B&gt; &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;*&lt;/B&gt;&lt;B&gt; * &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;*&lt;/B&gt;&lt;B&gt; &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;*&lt;/B&gt;&lt;B&gt; *&lt;/B&gt;&lt;B&gt; &lt;/B&gt;&lt;B&gt;*&lt;/B&gt;&lt;B&gt; * &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;/A&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl align=center&gt;باید تو رو پیدا کنم شاید هنوز هم دیر نیست&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl align=center&gt;تو ساده دل کندی ولی تقدیر بی تقصیر نیست . . .&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl align=center&gt;&lt;A href=&quot;http://irandidar.blogfa.com/&quot;&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;*&lt;/B&gt;&lt;B&gt; *&lt;/B&gt;&lt;B&gt; &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;*&lt;/B&gt;&lt;B&gt; * &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;*&lt;/B&gt;&lt;B&gt; &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;*&lt;/B&gt;&lt;B&gt; *&lt;/B&gt;&lt;B&gt; &lt;/B&gt;&lt;B&gt;*&lt;/B&gt;&lt;B&gt; * &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;/A&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl align=center&gt;دل که رنجید از کسی خرسند کردن مشکل است شیشه بشکسته را پیوند کردن مشکل است&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl align=center&gt;&lt;A href=&quot;http://irandidar.blogfa.com/&quot;&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;*&lt;/B&gt;&lt;B&gt; *&lt;/B&gt;&lt;B&gt; &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;*&lt;/B&gt;&lt;B&gt; * &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;*&lt;/B&gt;&lt;B&gt; &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;*&lt;/B&gt;&lt;B&gt; *&lt;/B&gt;&lt;B&gt; &lt;/B&gt;&lt;B&gt;*&lt;/B&gt;&lt;B&gt; * &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;B&gt;* &lt;/B&gt;&lt;/A&gt;&lt;/P&gt;</description>
<pubDate>Tue, 10 Mar 2009 17:41:18 GMT</pubDate>
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<dc:creator>olyai</dc:creator>
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<title>بخشی از میراث فرهنگی شیراز</title>
<link>http://lootty.blogfa.com/post-423.aspx</link>
<description>&lt;P dir=rtl&gt;&lt;B&gt;حمام وکیل شیراز (کریم خان زند، وکیل الرعایا)&lt;/B&gt;&lt;B&gt;&lt;/B&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;B&gt; &lt;/B&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;از دوره حکومت کریم خان زند که خود را وکیل الرعایا می خواند؛ آثار زیبا و مجموعه های بزرگی در شهر &lt;A href=&quot;http://www.anobanini.ir/travel/fa/fars/cat-109/&quot;&gt;شیراز&lt;/A&gt; بر جای مانده است. افزون بر بناهای حکومتی، عمارت های تشریفاتی و قصرهای محل سکونت که در گوشه و کنار این شهر دیده می شود؛ آنوبانینی می تواند از تعدادی مسجد، بازار و کاروانسرا که همگی به نام وکیل یا زند خوانده می شوند نام ببرد. &lt;BR&gt;یکی از این بناها حمام وکیل نام دارد که با 11 هزار متر مربع مساحت، 8660 متر زیربنا، 120 متر طول و 80 متر عرض در سال 1187 ه. ق. توسط كریم خان زند در محله درب شاهزاده، خیابان طالقانی فعلی و در حد فاصل حمام وكیل و بازار وكیل ساخته شده است. &lt;BR&gt;این حمام بزرگ،از پیشرفته ترین اصول معماری زمان خود برخوردار است. برای مثال؛ ورودی حمام کوچک بوده و با شیبی ملایم به هشتی ورودی که پایین تر از سطح زمین قرار دارد می رسد. ورودی به رختکن، زاویه دار ساخته شده و همه این ملاحظات برای این بوده که از ورود سرما به داخل و از خروج گرما به خارج از حمام جلوگیری شود. گرم خانه با سنگ فرش پوشیده شده؛ اما جالب توجه اینکه در زیر این سنگ فرش دالان های کم عرض و باریکی ساخته شده که هوای گرم و بخار آب در آن جریان می یافته تا کف حمام زودتر گرم شود. در جنوب گرم خانه، خزینه قرار دارد که دو دیگ بزرگ برای گرم کردن آب داشته است. در دو طرف محوطه گرم خانه، دو شاه نشین و در دو طرف خزینه، دو حاکم نشین ساخته شده است. در وسط هر حاکم نشین نیز حوضی از سنگ مرمر دیده می شود. در زیر گنبد، نقوش زیبایی وجود دارد که داستان های آنها از مذهب، سنت، علائق و رویاهای مردم این دیار سرچشمه می گیرد.&lt;BR&gt;بر فراز سردر مسجد، كتیبه ای كاشی كاری شده قرار دارد كه با خط نسخ آیات قرآنی بر روی آن نگاشته شده و در پایان نیز تاریخ 1306 ه. ق. قید گردیده است. بر فراز آن نیز در میان فضایی كاشی كاری شده، كتیبه ای قرار دارد كه نام فتحعلی شاه و حسین علی میرزا با خط ثلث نگاشته شده است.&lt;BR&gt;&lt;BR&gt;&lt;BR&gt;&lt;/P&gt;</description>
<pubDate>Tue, 10 Mar 2009 17:37:55 GMT</pubDate>
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<dc:creator>olyai</dc:creator>
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<title>سیستم گرمایش از کف نگرشی نوین به طرحی كهن</title>
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<description>&lt;TABLE cellSpacing=0 cellPadding=0 width=&quot;100%&quot; border=0&gt;
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&lt;TD align=left&gt;&lt;A style=&quot;CURSOR: hand&quot; onclick=history.go(-1)&gt;&lt;IMG src=&quot;http://www.damaarya.com/image/fa/back.gif&quot; border=0&gt;&lt;/A&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD vAlign=top colSpan=2&gt;&lt;SPAN class=head1 id=NewsDetail003_lblTitle&gt;همه چیز درباره گرمایش از کف&lt;/SPAN&gt; &lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD height=10&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;
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&lt;TD vAlign=top&gt;&lt;A href=&quot;&quot; target=_blank&gt;&lt;/A&gt;&lt;/TD&gt;
&lt;TD width=8&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;&lt;/TBODY&gt;&lt;/TABLE&gt;&lt;SPAN class=head3 id=NewsDetail003_lblLead&gt;&lt;/SPAN&gt;&lt;BR&gt;&lt;SPAN id=NewsDetail003_lblBody&gt;
&lt;P align=justify&gt;سیستم حرارتی گرمایش از کف که انتقال حرارت به صورت تشعشعی (تابشی) سهم زیادی در فرآیند گرمایشی آن دارد، درمقایسه با سایر سیستمهای حرارتی نه تنها در صرفه جویی و بهینه سازی مصرف انرژی بلکه در مقوله رفاه و آسایش ساکنان ساختمان ها دارای نقاط قوت بسیاری می باشد. در سالهای اخیر، سیستم گرمایشی از کف در کشورهای اروپائی و آمریکا بسیار متداول شده است و دلیل این گسترش روزافزون بهینه بودن مصرف انرژی، توزیع یکسان گرما در تمامی سطح و فضا و دوری از مشکلات موجود در سایر روش ها ، به عنوان مثال سیاه شدن دیوارها، گرفتگی و پوسیدگی لوله ها و… می باشد. استفاده از روش گرمایش از کف جهت گرمایش محل سکونت از دیرباز به طرق مختلف انجام می گرفته است. بطوریکه رومی ها زیر کف را کانال کشی کرده و هوای گرم را از آن عبور می دادند و کره ای ها دود حاصل از سوخت را قبل از اینکه از دودکش عبور کند از زیر کف انتقال می دادند. در سال 1940 نیز فردی بنام سام لویت برای این منظور لوله های آب گرم را در زیر کف قرار داد. درکشور ایران نیز درمناطق کوهستانی و سردسیر ازجمله آذربایجان این روش مورد استفاده قرار می گرفته، که بیشترین مورد استفاده آن درحمام ها بود. &lt;/P&gt;
&lt;P align=center&gt;&lt;IMG alt=&quot;&quot; src=&quot;http://www.damaarya.com/damacorp_content/media/image/2009/02/577_orig.jpg&quot; border=0&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P align=justify&gt;&lt;STRONG&gt;به طور کلی سه نوع روش گرمایش از کف موجود است:&lt;/STRONG&gt; &lt;BR&gt;1. گرمایش با هوای گرم &lt;BR&gt;2. گرمایش با جریان الکتریسیته &lt;BR&gt;3. گرمایش با آب گرم &lt;BR&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P align=center&gt;&lt;IMG height=375 alt=&quot;&quot; src=&quot;http://www.damaarya.com/damacorp_content/media/image/2009/02/576_orig.jpg&quot; width=490 border=0&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P align=center&gt;&lt;IMG alt=&quot;&quot; src=&quot;http://www.damaarya.com/damacorp_content/media/image/2009/02/578_orig.jpg&quot; border=0&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P align=justify&gt;&lt;BR&gt;به دلیل اینکه هوا نمی تواند گرمای زیادی را درخود نگاه دارد روش هوای گرم در موارد مسکونی چندان به صرفه نیست و روش الکتریکی نیز فقط زمانی مقرون به صرفه است که قیمت انرژی الکتریکی کم باشد.درمقایسه با دو روش ذکر شده، سیستم گرمایش با آب گرم ( هیدرولیک) مقرون به صرفه تر و خوشایندتر می باشد. بدین خاطر سالهای متوالی در سراسر دنیا مورد استفاده قرار گرفته است. &lt;/P&gt;
&lt;P align=justify&gt;روش گرمایش از کف به عنوان راحت ترین، سالم ترین وطبیعی ترین روش برای گرمایش شناخته شده است. همانطور که افراد دریک روز سرد زمستانی توسط تشعشع خورشید احساس گرما می نمایند دراین روش نیز گرما را بوسیله انتقال حرارت تشعشعی(تابشی) از کف دریافت می کنند و یقیناً احساس آسایش بیشتری خواهند نمود. در این سیستم گرمایشی معمولاً دمای آب گرم موجود در لوله های کف خواب بین 30 تا60 درجه سانتی گراد می باشد که درمقایسه با سایر روشهای موجود، که دمای آب بین 54 تا 71 درجه سانتی گراد است، 20 تا40 درصد در مصرف انرژی صرفه جوئی می شود. در ساختمان هائی که دارای سقف بلند می باشند استفاده از سیستم گرمایش از کف باعث کاهش مصرف انرژی و صرفه جوئی در مصرف سوخت می شود، به این خاطر که در سایر روشها (مانند رادیاتور و بخاری) هوای گرم در اثر کاهش چگالی سبک شده و به سمت سقف می رود و اولین جائی را که گرم می کند سقف می باشد (این موضوع به طور واضح درسمت چپ شکل زیر مشخص می باشد). به علت بالا بودن دمای هوا در کنار سقف میزان انتقال حرارت آن به سقف از هرجای دیگر بیشتر است و این عامل باعث اتلاف مقدار زیادی انرژی می شود. &lt;BR&gt;&lt;BR&gt;در روش گرمایش از کف ابتدا قسمت پائین که مورد نیاز ساکنین است گرم می شود وهوا با دمای کمتری به سقف می رسد، که این یکی از مزایای اصلی این سیستم می باشد. یکی دیگر از مزایای استفاده از روش گرمایش از کف که امروزه بسیار مورد توجه واقع می شود آسایش و راحتی افراد می باشد، به طوریکه آسایش و راحتی فرد در محل سکونتش بدون اینکه از هر بابت دارای محدودیت باشد فراهم می شود. در نظر بگیرید که بدن شما در یک اتاق بگونه ای گرم شود که شما در هنگام استراحت هیچگونه هوای گرمی را استنشاق نکنید وتنفس شما بسیار ملایم صورت گیرد، این بهترین روش گرم کردن در یک آپارتمان و یا یک منطقه صنعتی است. همه اعضای بدن شما بخصوص پا که بیشترین فاصله را با قلب دارد همیشه گرم خواهد ماند و این برای انسان بسیار مطلوب خواهد بود. &lt;BR&gt;&lt;BR&gt;همانگونه که قبلاً اشاره شد در گرمایش بوسیله رادیاتور یا بخاری دمای قسمت پائین اتاق سردتر از بالای آن می باشد که این حالت برای کودکان که دارای اندام کوچکی هستند ناخوشایند است، بطوریکه افزایش البسه آنها برای جلوگیری ازبیماری، آزادی کودکانه آنها را محدود می کند. سیستم گرمایش از کف برخلاف رادیاتور که هوای محل سکونت را به دلیل گرمای بیش ازحد خشک می کند،رطوبت را درحد متعادل نگه می دارد. همانطور که می دانید بیشتر افراد از کثیف شدن دیوارها و محیط زندگی در اثر استفاده ازمنابع گرمایی همچون بخاری و رادیاتور احساس نارضایتی می کنند. از آنجا که درسیستم گرمایش از کف جریان هوا به آرامی از پایین به بالا می باشد بنابراین دیوار ها پاکیزه می مانند. همین امر در مورد افرادی که دارای آلرژی (حساسیت) هستند بسیار مورد اهمیت است زیرا که محیط زندگی عاری ازهرگونه محرک خواهد شد. استفاده از این سیستم در مکانهایی همچون آشپزخانه و حمام که کف آنها معمولاً خیس و مرطوب است مناسب بوده و باعث خشک شدن کف می شود. مسئله مهم دیگر اینکه در این روش رطوبت زمین که دربعضی ازمنازل منجر به بروز بیماریهای مفصلی می شود از بین رفته و باعث کاهش درد بیماران مبتلا به ناراحتی هایی از قبیل رماتیسم خواهد شد. &lt;BR&gt;&lt;BR&gt;همچنین از رطوبت دیوارها و کپک زدن آن که شکل خوشایندی ندارد جلوگیری می شود و دیگر اینکه در این سیستم جایی برای رشد و تکثیر حشرات موزی وجود ندارد. یکی دیگر از فواید سیستم گرمایش از کف این است که دیگر فضای منزل یا محل کار توسط دستگاههای رادیاتور و بخاری اشغال نمی شود و به همین منظور آزادی بیشتری در تغییر دکوراسیون محل زندگی خواهید داشت. شاید به نظر آید که به هنگام نصب سیستم کف خواب دیگر نمی توانید پوشش مورد علاقه تان را برای کف انتخاب کنید! ولی این طور نیست. مطمئن باشید که شما می توانید برای پوشش کف منزل خود از هر نوع مصالحی ازجمله سنگ، سرامیک، کاشی پارکت چوب وفرش نیز استفاده کنید بدون اینکه تأثیری درگرمای مطلوب محیط شما بگذارد. یکی دیگر از مزایای استفاده از سیستم گرمایش از کف در روشهای ذوب برف می باشد بطوریکه از این روش برای ذوب یخ یا برف موجود در پیاده روها، لنگرگاههای بارگیری، جاده ها، ورودی ساختمانها و بیمارستانها، باند فرود هواپیما و زمینهای ورزشی از جمله زمین فوتبال وغیره که دسترسی آسان و سریع به محل الزامی است می توان استفاده کرد. بطوریکه این روش علاوه برکاهش هزینه های برف روبی و نمک پاشی، در حفظ ساختار موارد گفته شده بسیار موثر خواهد بود. &lt;BR&gt;در حدود ۱۷۰۰ سال پیش در امپراتوری روم باستان سیستم گرمایش از کف بعنوان یک روش تامین حرارت مطلوب مورد استفاده واقع می گردید. &lt;BR&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P align=center&gt;&lt;IMG height=384 alt=&quot;&quot; src=&quot;http://www.damaarya.com/damacorp_content/media/image/2009/02/581_orig.jpg&quot; width=488 border=0&gt;&lt;BR&gt;نمایی از اجرای سیستم گرمایش از کف &lt;/P&gt;
&lt;P align=justify&gt;رومیان با سوزاندن چوب و ایجاد گازهای متشعل و عبور دادن این گازها از کانالهای هوایی موجود در کف ساختمان اقدام به گرم کردن کف منازل خود می کردند . این روش مدتهای مدیدی مورد استفاده قرار گرفته است. &lt;BR&gt;&lt;BR&gt;هم اکنون نیز همین سیستم گرمایشی مورد استفاده قرار می گیرد با این تفاوت که نحوه عمل مقداری تغییر کرده است و بجای گاز داغ از آب گرم و بجای کانالها از لوله های مخصوص استفاده می کنند. &lt;BR&gt;امروزه با پیشرفت تکنولوژی هزینه نصب سیستم گرمایش کفی کاهش یافته است و با استفاده از لوله های PEX دیگر مشکلات مربوط به لوله های مسی وفلزی و پلی بوتیلن را نخواهیم داشت . لوله های پلی بوتیلن (PB) مدتها در این روش مورد استفاده قرار می گرفت اما بدلیل وجود مشکلاتی مانند نشتی آب، کم کم جای خود را به لوله های جدید تر دادند. &lt;BR&gt;&lt;BR&gt;امروزه لوله های پلیمری جدیدی که از جنس پلی اتیلن مشبک شده می باشند مورد استفاده قرار می گیرند که مانند لوله های PB نصب آنها بسیار آسان خواهد بود اما بخاطر ساختار مشبک آن خواص بهتری از خود نشان می دهند و مشکلات لوله های پلی بوتلین را ندارند . &lt;BR&gt;با افزایش روز افزون جمعیت و همچنین کاهش منابع انرژی، مصرف بهینه انرژی امری بدیهی می باشد. در این راستا نقش سیستم های گرمایشی بهینه ساختمان ها و مجتمع های مسکونی در کنترل و بهینه سازی مصرف انرژی مهم و قابل تامل می باشد. سیستم حرارتی گرمایش از کف که انتقال حرارت به صورت تشعشعی (تابشی) سهم زیادی در فرآیند گرمایشی آن دارد‏‏‎، در مقایسه با سایر سیستمهای حرارتی نه تنها در صرفه جویی و بهینه سازی مصرف انرژی بلکه در مقوله رفاه و آسایش ساکنان ساختمان ها دارای نقاط قوت بسیاری می باشد. در سالهای اخیر ، سیستم گرمایشی از کف در کشورهای اروپائی و آمریکا بسیار متداول شده است و دلیل این گسترش روزافزون بهینه بودن مصرف انرژی ، توزیع یکسان گرما در تمامی سطح و فضا و دوری از مشکلات موجود در سایر روش ها ، به عنوان مثال سیاه شدن دیوارها ، گرفتگی و پوسیدگی لوله ها و… می باشد. استفاده از روش گرمایش از کف جهت گرمایش محل سکونت از دیرباز به طرق مختلف انجام می گرفته است. بطوریکه رومی ها زیر کف را کانال کشی کرده و هوای گرم را از آن عبور می دادند و کره ای ها دود حاصل از سوخت را قبل از اینکه از دودکش عبور کند از زیر کف انتقال می دادند. در سال ۱۹۴۰ نیز فردی بنام سام لویت برای این منظور لوله های آب گرم را در زیر کف قرار داد. درکشور ایران نیز درمناطق کوهستانی و سردسیر ازجمله آذربایجان این روش مورد استفاده قرار می گرفته، که بیشترین مورد استفاده آن درحمام ها بود. &lt;BR&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P align=center&gt;&lt;IMG alt=&quot;&quot; src=&quot;http://www.damaarya.com/damacorp_content/media/image/2009/02/582_orig.jpg&quot; border=0&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P align=justify&gt;&lt;BR&gt;&lt;STRONG&gt;به طور کلی سه نوع روش گرمایش از کف موجود است:&lt;/STRONG&gt; &lt;BR&gt;۱) گرمایش با هوای گرم &lt;BR&gt;۲) گرمایش با جریان الکتریسیته &lt;BR&gt;۳) گرمایش با آب گرم &lt;BR&gt;&lt;BR&gt;به دلیل اینکه هوا نمی تواند گرمای زیادی را در خود نگاه دارد روش هوای گرم در موارد مسکونی چندان به صرفه نیست و روش الکتریکی نیز فقط زمانی مقرون به صرفه است که قیمت انرژی الکتریکی کم باشد. درمقایسه با دو روش ذکر شده، سیستم گرمایش با آب گرم ( هیدرولیک) مقرون به صرفه تر و خوشایندتر می باشد. بدین خاطر سالهای متوالی در سراسر دنیا مورد استفاده قرار گرفته است. روش گرمایش از کف به عنوان راحت ترین، سالم ترین و طبیعی ترین روش برای گرمایش شناخته شده است. همانطور که افراد دریک روز سرد زمستانی توسط تشعشع خورشید احساس گرما می نمایند دراین روش نیز گرما را بوسیله انتقال حرارت تشعشعی (تابشی) از کف دریافت می کنند و یقیناً احساس آسایش بیشتری خواهند نمود. در این سیستم گرمایشی معمولاً دمای آب گرم موجود در لوله های کف خواب بین ۳۰ تا۶۰ درجه سانتی گراد می باشد که درمقایسه با سایر روشهای موجود، که دمای آب بین ۵۴ تا ۷۱ درجه سانتی گراد است، ۲۰ تا۴۰ درصد در مصرف انرژی صرفه جوئی می شود. &lt;BR&gt;&lt;BR&gt;در ساختمان هائی که دارای سقف بلند می باشند استفاده از سیستم گرمایش از کف باعث کاهش مصرف انرژی و صرفه جوئی در مصرف سوخت می شود، به این خاطر که در سایر روشها (مانند رادیاتور و بخاری) هوای گرم در اثر کاهش چگالی سبک شده و به سمت سقف می رود و اولین جائی را که گرم می کند سقف می باشد (این موضوع به طور واضح درسمت چپ شکل زیر مشخص می باشد). به علت بالا بودن دمای هوا در کنار سقف میزان انتقال حرارت آن به سقف از هرجای دیگر بیشتر است و این عامل باعث اتلاف مقدار زیادی انرژی می شود. در روش گرمایش از کف ابتدا قسمت پائین که مورد نیاز ساکنین است گرم می شود و هوا با دمای کمتری به سقف می رسد، که این یکی از مزایای اصلی این سیستم می باشد. یکی دیگر از مزایای استفاده از روش گرمایش از کف که امروزه بسیار مورد توجه واقع می شود آسایش و راحتی افراد می باشد، به طوریکه آسایش و راحتی فرد در محل سکونتش بدون اینکه از هر بابت دارای محدودیت باشد فراهم می شود. در نظر بگیرید که بدن شما در یک اتاق بگونه ای گرم شود که شما در هنگام استراحت هیچگونه هوای گرمی را استنشاق نکنید وتنفس شما بسیار ملایم صورت گیرد، این بهترین روش گرم کردن در یک آپارتمان و یا یک منطقه صنعتی است. همه اعضای بدن شما بخصوص پا که بیشترین فاصله را با قلب دارد همیشه گرم خواهد ماند و این برای انسان بسیار مطلوب خواهد بود &lt;BR&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P align=center&gt;&lt;IMG alt=&quot;&quot; src=&quot;http://www.damaarya.com/damacorp_content/media/image/2009/02/584_orig.gif&quot; border=0&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P align=center&gt;&lt;BR&gt;&lt;BR&gt;همانگونه که قبلاً اشاره شد در گرمایش بوسیله رادیاتور یا بخاری دمای قسمت پائین اتاق سردتر از بالای آن می باشد که این حالت برای کودکان که دارای اندام کوچکی هستند ناخوشایند است، بطوریکه افزایش البسه آنها برای جلوگیری ازبیماری، آزادی کودکانه آنها را محدود می کند. سیستم گرمایش از کف برخلاف رادیاتور که هوای محل سکونت را به دلیل گرمای بیش ازحد خشک می کند، رطوبت را درحد متعادل نگه می دارد. همانطور که می دانید بیشتر افراد از کثیف شدن دیوارها و محیط زندگی در اثر استفاده ازمنابع گرمایی همچون بخاری و رادیاتور احساس نارضایتی می کنند. از آنجا که درسیستم گرمایش از کف جریان هوا به آرامی از پایین به بالا می باشد بنابراین دیوار ها پاکیزه می مانند. همین امر در مورد افرادی که دارای آلرژی (حساسیت) هستند بسیار مورد اهمیت است زیرا که محیط زندگی عاری ازهرگونه محرک خواهد شد. استفاده از این سیستم در مکانهایی همچون آشپزخانه و حمام که کف آنها معمولاً خیس و مرطوب است مناسب بوده و باعث خشک شدن کف می شود. مسئله مهم دیگر اینکه در این روش رطوبت زمین که دربعضی ازمنازل منجر به بروز بیماریهای مفصلی می شود از بین رفته و باعث کاهش درد بیماران مبتلا به ناراحتی هایی از قبیل رماتیسم خواهد شد. همچنین از رطوبت دیوارها و کپک زدن آن که شکل خوشایندی ندارد جلوگیری می شود و دیگر اینکه در این سیستم جایی برای رشد و تکثیر حشرات موزی وجود ندارد. یکی دیگر از فواید سیستم گرمایش از کف این است که دیگر فضای منزل یا محل کار توسط دستگاههای رادیاتور و بخاری اشغال نمی شود و به همین منظور آزادی بیشتری در تغییر دکوراسیون محل زندگی خواهید داشت. شاید به نظر آید که به هنگام نصب سیستم کف خواب دیگر نمی توانید پوشش مورد علاقه تان را برای کف انتخاب کنید! ولی این طور نیست. &lt;BR&gt;&lt;BR&gt;مطمئن باشید که شما می توانید برای پوشش کف منزل خود از هر نوع مصالحی ازجمله سنگ، سرامیک، کاشی پارکت چوب و فرش نیز استفاده کنید بدون اینکه تأثیری درگرمای مطلوب محیط شما بگذارد. یکی دیگر از مزایای استفاده از سیستم گرمایش از کف در روشهای ذوب برف می باشد بطوریکه از این روش برای ذوب یخ یا برف موجود در پیاده روها، لنگرگاههای بارگیری، جاده ها، ورودی ساختمانها و بیمارستانها، باند فرود هواپیما و زمینهای ورزشی از جمله زمین فوتبال وغیره که دسترسی آسان و سریع به محل الزامی است می توان استفاده کرد. بطوریکه این روش علاوه برکاهش هزینه های برف روبی و نمک پاشی، در حفظ ساختار موارد گفته شده بسیار موثر خواهد بود. &lt;BR&gt;&lt;IMG style=&quot;WIDTH: 475px; HEIGHT: 456px&quot; height=456 alt=&quot;&quot; src=&quot;http://www.damaarya.com/damacorp_content/media/image/2009/02/583_orig.jpg&quot; width=532 border=0&gt;&lt;BR&gt;آشنایی با سیستمهای گرمایش از کف &lt;/P&gt;
&lt;P align=justify&gt;●&lt;STRONG&gt; فواید استفاده از سیستم گرمایش کفی&lt;/STRONG&gt; &lt;BR&gt;&lt;BR&gt;&lt;STRONG&gt;۱) آسایش و آرامش در بالاترین حد ممکن:&lt;/STRONG&gt; درجه حرارت ثابت و دائمی درکلیه طول زمستان در نزدیکی کف ساختمان و در محلی که شما قرار دارید وجود خواهد داشت . این حالت بسیار دلپذیری است که محیط اطراف پا گرم بوده و هوای مورد تنفس گرمای زیادی نداشته باشد. پروفیل دمایی سیستم گرمایش کفی به پروفیل ایده آل بسیار نزدیک است، گرما به آرامی از کف به سمت سقف منتشر می شود، پای گرم و سر خنک، به سلامت کمک می کند. &lt;BR&gt;&lt;BR&gt;&lt;STRONG&gt;۲) ثابت بودن حرارت:&lt;/STRONG&gt; بعلت جرم بسیار پوشش کف ساختمان در صورت هر گونه قطع برق و یا عوامل دیگر که باعث توقف حرارت دهی مرکزی باشد ، مدت زمان سرد شدن آپارتمان بسیار طولانی تر از سایر روشها می باشد . در این سیستم ابتدا مدت زمانی طول می کشد تا کف زمین به درجه حرارت مطلوب برسد ، ولی پس از گرم شدن این حرارت به صورت باثبات تری در طول مدت زمستان مورد استفاده قرار خواهد گرفت . &lt;BR&gt;&lt;STRONG&gt;۳) سبکی وزن ساختمان، افزایش ارتفاع اتاقها:&lt;/STRONG&gt; بعلت استفاده از یکنوع لوله با سایز پائین و همچنین حذف عبور لوله های تاسیساتی از روی یکدیگر ( که عموما باعث بالا آمدن کف واحدها و پر کردن کف در زمان ساخت می شود ) ضخامت پوشش به مقدار زیادی کاهش می یابد. این امر ضمن کم کردن وزن ساختمان ( و در نتیجه استقامت بیشتر آن ) موجب افزایش ارتفاع سقف واحدها نیز می گردد. &lt;BR&gt;&lt;STRONG&gt;۴) صرفه جویی در مصرف سوخت:&lt;/STRONG&gt; بعلت تماس مستقیم افراد با منبع گرمایش درجه حرارت اتاق در درجات پائین تری تنظیم می گردد. این امر موجب صرفه جویی ۲۵ الی ۴۰ درصد در مصرف سوخت خواهد شد . &lt;BR&gt;&lt;STRONG&gt;۵) آزادی عمل در دکوراسیون داخل منزل:&lt;/STRONG&gt; بعلت قرار گرفتن این سیستم در داخل کف زمین اثاثیه را میتوان در هر گوشه از ساختمان قرار داد . این امر بخصوص در واحدهای کوچکتر و اتاق خوابهای بافضای محدود ، ملموس تر خواهد بود . &lt;BR&gt;&lt;STRONG&gt;۶) هوای پاکیزه تر و خشک نشدن هوا:&lt;/STRONG&gt; در سیستم رادیاتوری ، عموما هوای اتاق خشک می شود . در بسیاری از موارد با قرار دادن کتری آب به روی رادیاتور سعی در افزایش رطوبت اتاق می شود . این مشکل در سیستم گرمایش کفی نمودی نخواهد داشت . &lt;BR&gt;&lt;STRONG&gt;۷) تمیزی دیوارها و اثاثیه منزل:&lt;/STRONG&gt; بعلت سیکل گردش هوای داغ در زمان استفاده از رادیاتور عموما دیوارهای بالای رادیاتور بمرور زمان سیاه شده و دوده را بخود جذب می نماید . در سیستم گرمایش کفی ویرسبو این مشکل برطرف شده و دیوارها وسایر لوازم در طول زمان سیاه نخواهد شد . &lt;BR&gt;&lt;STRONG&gt;۸) افزایش ارزش منزل:&lt;/STRONG&gt; استفاده از سیستم گرمایش کفی ویرسبو موجب افزایش ارزش منازل می شود اگر چه نصب این سیستم از لحاظ هزینه تفاوت چندانی باسیستم حرارت بتوسط رادیاتورهای مرغوب ندارد ، ارزش افزوده آن برای ساختمان بسیار بیشتر خواهد بود . &lt;BR&gt;&lt;STRONG&gt;۹) استفاده از منابع حرارتی مختلف:&lt;/STRONG&gt; سیستم گرمایش کفی ویرسبو می تواند از منابع مختلفی برای تامین گرمایش استفاده کند . موتور خانه ، پکیچ و حتی حرارت خورشیدی می توانند در این سیستم مورد استفاده قرار گیرند .&lt;BR&gt;&lt;STRONG&gt;۱۰) خشک تر باقی ماندن زمینهای مرطوب و یا خیس:&lt;/STRONG&gt; در صورت نصب سیستم گرمایش کفی ویرسبو در محلهای مانند آشپزخانه ، سرویسهای بهداشتی و زیر زمین ، در صورت خیس شدن کف این محلها بعلت شستشو بسرعت خشک خواهد شد . &lt;BR&gt;&lt;BR&gt;● &lt;STRONG&gt;روشهای کنترل دما در سیستم گرمایش کفی:&lt;/STRONG&gt; &lt;BR&gt;ـ سیستم کنترل دمای بصورت دست &lt;BR&gt;ـ سیستم کنترل دمای اتوماتیک بصورت مکانیک &lt;BR&gt;ـ سیستم کنترل دمای اتوماتیک بصورت برقی &lt;BR&gt;&lt;BR&gt;▪ &lt;STRONG&gt;سیستم کنترل دمای بصورت دست&lt;/STRONG&gt; &lt;BR&gt;در این سیستم با استفاده از شیرآلات قطع و وصل متصل شده به خروجی های هر کلکتور،در جعبه مربوطه، امکان کنترل منطقه های حرارتی به صورت دستی امکان پذیر می گردد.از مزایای این سیستم، اقتصادی بودن و ساده بودن سیستم کنترلی، میتوان اشاره نمود. &lt;BR&gt;&lt;BR&gt;▪ &lt;STRONG&gt;سیستم کنترل دمای اتوماتیک بصورت مکانیک &lt;BR&gt;&lt;/STRONG&gt;در این سیستم با استفاده از نصب شیرآلات گرمایش کفی در داخل دیوار هر فضایگرمایشی، از طریق تنظیم ترموستات حرارتی نصب شده بر روی شیر گرمایش کفی داخل دیوار، دمای محیط مریوطه به صورت مکانیکی و اتوماتیک کنترل می گردد.در این روش داخل جعبه شیر گرمایشی، شیر تخلیه هوا نیز پیش بینی شده است. &lt;BR&gt;&lt;BR&gt;&lt;STRONG&gt;▪&lt;/STRONG&gt; &lt;STRONG&gt;سیستم کنترل دمای اتوماتیک بصورت برقی&lt;/STRONG&gt; &lt;BR&gt;در این سیستم شیرهای برقی که به حس گرهای الکتریکی در هرمحیط به طورجداگانه وصل شده اند، فرمان قطع و وصل هرمدار حرارتی را دریافت نموده و عملیات تنظیم خودکار هر محیط را انجام می دهند.امکان دیگری همانند، دبی سنج و یا دماسنج نصب شده بر روی هر خروجی وورودی کلکتور امکان کنترل های مختلف و متنوعی را برای کاربر ممکن می سازد.سیستم اتوماتیک برقی پایپکس کاملترین روش کنترلی دمائی فضای گرمایش کفی می باشد. &lt;BR&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P align=center&gt;&lt;IMG height=372 alt=&quot;&quot; src=&quot;http://www.damaarya.com/damacorp_content/media/image/2009/02/580_orig.gif&quot; width=462 border=0&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P align=justify&gt;&lt;BR&gt;&lt;STRONG&gt;● انواع منبع تامین کننده حرارتی ممکن جهت سیستم گرمایشی از کف:&lt;/STRONG&gt; &lt;BR&gt;سیستمهای گرمایش از کف همانند سیستم رادیاتور قابلیت اتصال به انواع منابع تامین کننده حرارتی را دارا میباشند. ولی با توجه به راندمان بالای گرمایش کفی دمای مورد نیاز به بیشتر از ۵۰ درجه نمیرسد. از طرف دیگر دمای مورد نیاز سیستم آبرسانی حد اقل ۶۰ درجه می باشد. در نتیجه در ساختمانی که از گرمایش کفی استفاده می کند نیاز به دو مدار با درجه حرارت متفاوت ضروری است که به روشهای ذیل ممکن می باشد: &lt;BR&gt;ـ استفاده از پکیج &lt;BR&gt;ـ استفاده از موتورخانه با ۲ دیگ کوچک &lt;BR&gt;ـ استفاده از موتورخانه با یک دیگ و مبدل حرارتی &lt;BR&gt;ـ استفاده از موتورخانه با یک دیگ و الکترو والو با مدار بای پاس &lt;BR&gt;&lt;BR&gt;&lt;STRONG&gt;مدل سازی اتلاف گرمای سیستم گرمایش کف با استفاده از یک مدل دو بعدی متصل به زمین:&lt;/STRONG&gt; &lt;BR&gt;گزارش حاضر، یک مدل شبیه سازی دو بعدی از اتلاف گرما و حرارت را توسط یک ورقه روی پایه، برای سیستم حرارتی کفی، معرفی می کند. وظیفه این سیستم مدل سازی تأثیر آرایش و شکل کف پی ساختمان در کارایی سیستم گرمایش است. این مدل می تواند برای طراحی خانه های دارای پتانسیل مناسب برای سیستم حرارتی کف با توجه به اتلاف گرما از طریق شکل و ترکیب کف و پی ساختمان، استفاده شود. &lt;BR&gt;&lt;IMG height=394 alt=&quot;&quot; src=&quot;http://www.damaarya.com/damacorp_content/media/image/2009/02/579_orig.jpg&quot; width=512 border=0&gt;&lt;BR&gt;بررسی ها نشان می دهد که برای یافتن میزان دقیق اتلاف گرما به زمین، مدل متحرک سیستم کف مهم است اما مهمتر از آن، تأثیر بسزایی است که پی ساختمان در اتلاف انرژی ساختمان ها که توسط سیستم حرارت کفی گرم می شوند، دارد. نتیجه این مدل سازی می تواند در طراحی خانه هایی با سیستم حرارتی کفی لحاظ گردد. &lt;BR&gt;&lt;BR&gt;&lt;STRONG&gt;● مدل شبیه سازی انرژی ساختمان&lt;/STRONG&gt; &lt;BR&gt;مدل سازی اتلاف گرمای سیستم گرمایش کف می تواند در یک مدل شبیه سازی شرایط حرارتی یک اتاق با گرمایش کف استفاده شود. بدین منظور مدل انتقال گرما را با خصوصیات مواد ثابت و پایدار مد نظر می گیرند. دیوارها، سقف، کف و پنجره ها با استفاده از یک متر حجمی کنترل محدود با یک طرح تهویه مجازی، مدل سازی می شوند. در این مدل، سیستم تهویه یک سیستم متعادل ساده است که دارای بازیافت گرما می باشد. اطلاعات آب و هوای ساعت به ساعت (اندازه گیری شده یا از یک طرح منبع سالانه) نیز به عنوان ورودی استفاده می شود. &lt;BR&gt;&lt;BR&gt;بدین ترتیب، مدل در یک برنامه شبیه سازی با مدل هایی برای دیوارها،( شامل توضیح داخلی تشعشعات خورشیدی)، سقف، کف، تهویه، اتاق و اطلاعات آب و هوا با نام &lt;BR&gt;&lt;BR&gt;پیش بینی دقیق جریان گرما و حرارت نشان دهندۀ این مطلب است که ساختمان های بزرگ می توانند به خوبی بعنوان مدل قرار داده شوند که این کار بر پایه ویژگی بعد آنها استوار می باشد. علاوه بر این بهتر است که شبیه سازی دینامیکی حرارت در لوله های گرمکن کف برای محاسبۀ دقیق اتلاف گرما به زمین، در صورتیکه هم میانگین دقیق و هم ماکزیمم جریان گرما نیاز باشد، استفاده گردد. معمولاً مقدار متوسط حرارت کف گرم شده نیاز است. &lt;BR&gt;&lt;BR&gt;اما تخمین این مقدار دشوار می باشد زیرا این مقدار به لیست طویلی از فاکتورها وابسته است که شامل میزان مصرف انرژی خانه و مقاومت حرارتی بین سیستم گرمایی کف واتاق می باشد که حتی اشتباهات کوچک در این تخمین باعث ایجاد تفاوت های بزرگ در اتلاف گرمای پیش بینی شده به زمین می گردد. مدل استفاده شده در این مقاله می تواند برای مدل سازی تأثیر پی و ساختمان کف در مصرف انرژی و اتلاف گرما به زمین توسط اتصال مدل کف به یک اتاق سنجیده و استفاده شود. با استفاده از این مدل جامع، شبیه سازی دینامیکی اتاق و سیستم گرمایی کف قابل اجرا می باشد. در این مدل تأثیر عایق در ساختمان کف و پی در مصرف انرژی خانه مهم نشان داده شده است. اما اِشکال مدل این است که کند بوده و به تعداد داده های زیادی نیازمند است. در هر حال این مدل می تواند به عنوان گامی به طرف اجرای سیستم های گرمکن کف قلمداد گردد. &lt;BR&gt;&lt;BR&gt;&lt;STRONG&gt;فواید استفاده از سیستم گرمایش کف &lt;BR&gt;· آسایش و آرامش در بالاترین حد ممکن&lt;/STRONG&gt; &lt;BR&gt;درجه حرارت ثابت و دائمی درکلیه طول زمستان در نزدیکی کف ساختمان و در محلی که شما قرار دارید وجود خواهد داشت . این حالت بسیار دلپذیری است که محیط اطراف پا گرم بوده و هوای مورد تنفس گرمای زیادی نداشته باشد . &lt;BR&gt;&lt;STRONG&gt;· ثابت بودن حرارت&lt;/STRONG&gt; &lt;BR&gt;بعلت جرم بسیار پوشش کف ساختمان در صورت هر گونه قطع برق و یا عوامل دیگر که باعث توقف حرارت دهی مرکزی باشد ، مدت زمان سرد شدن آپارتمان بسیار طولانی تر از سایر روشها می باشد . در این سیستم ابتدا مدت زمانی طول می کشد تا کف زمین به درجه حرارت مطلوب برسد ، ولی پس از گرم شدن این حرارت به صورت باثبات تر ی در طول مدت زمستان مورد استفادهقرار خواهد گرفت . &lt;BR&gt;&lt;STRONG&gt;· سبکی وزن ساختمان ، افزایش ارتفاع اتاقها &lt;BR&gt;&lt;/STRONG&gt;بعلت استفاده از یکنوع لوله با سایز پائین و همچنین حذف عبور لوله های تاسیساتی از روی یکدیگر ( که عموما باعث بالا آمدن کف واحدها و پر کردن کف در زمان ساخت می شود ) ضخامت پوشش به مقدار زیادی کاهش می یابد . این امر ضمن کم کردن وزن ساختمان ( و در نتیجه استقامت بیشتر آن ) موجب افزایش ارتفاع سقف واحدها نیز می گردد . &lt;BR&gt;&lt;STRONG&gt;· صرفه جویی در مصرف سوخت&lt;/STRONG&gt; &lt;BR&gt;بعلت تماس مستقیم افراد با منبع گرمایش درجه حرارت اتاق در درجات پائین تری تنظیم می گردد . این امر موجب صرفه جویی 25 الی 40 درصد در مصرف سوخت خواهد شد. &lt;BR&gt;&lt;STRONG&gt;· آزادی عمل در دکوراسیوتن داخل منزل&lt;/STRONG&gt; &lt;BR&gt;بعلت قرار گرفتن این سیستم در داخل کف زمین اثاثیه را میتوان در هر گوشه از ساختمان قرار داد . این امر بخصوص در واحدهای کوچکتر و اتاق خوابهای بافضای محدود ، ملموس تر خواهد بود . &lt;BR&gt;&lt;STRONG&gt;· هوای پاکیزه تر و خشک نشدن هوا &lt;BR&gt;&lt;/STRONG&gt;در سیستم رادیاتوری ، عموما هوای اتاق خشک می شود . در بسیاری از موارد با قرار دادن کتری آب به روی رادیاتور سعی در افزایش رطوبت اتاق می شود . این مشکل در سیستم گرمایش کفی نمودی نخواهد داشت . &lt;BR&gt;&lt;STRONG&gt;· تمیزی دیوارها و اثاثیه منزل&lt;/STRONG&gt; &lt;BR&gt;بعلت سیکل گردش هوای داغ در زمان استفاده از رادیاتور عموما دیوارهای بالای رادیاتور بمرور زمان سیاه شده و دوده را بخود جذب می نماید . در سیستم گرمایش کفی ویرسبو این مشکل برطرف شده و دیوارها وسایر لوازم در طول زمان سیاه نخواهد شد . &lt;BR&gt;&lt;STRONG&gt;· افزایش ارزش منزل &lt;BR&gt;&lt;/STRONG&gt;استفاده از سیستم گرمایش کفی ویرسبو موجب افزایش ارزش منازل می شود اگر چه نصب این سیستم از لحاظ هزینه تفاوت چندانی باسیستم حرارت بتوسط رادیاتورهای مرغوب ندارد ، ارزش افزوده آن برای ساختمان بسیار بیشتر خواهد بود . &lt;BR&gt;&lt;STRONG&gt;· استفاده از منابع حرارتی مختلف&lt;/STRONG&gt; &lt;BR&gt;سیستم گرمایش کفی ویرسبو می تواند از منابع مختلفی برای تامین گرمایش استفاده کند . موتور خانه ، پکیچ و حتی حرارت خورشیدی می توانند در این سیستم مورد استفاده قرار گیرند . &lt;BR&gt;&lt;STRONG&gt;· خشک تر باقی ماندن زمینهای مرطوب و یا خیس: &lt;/STRONG&gt;&lt;BR&gt;در صورت نصب سیستم گرمایش کفی ویرسبو در محلهای مانند آشپزخانه ، سرویسهای بهداشتی و زیر زمین ، در صورت خیس شدن کف این محلها بعلت شستشو بسرعت خشک خواهد شد . &lt;BR&gt;&lt;BR&gt;&lt;STRONG&gt;تاریخچه سیستم گرمایش کفی&lt;/STRONG&gt; &lt;BR&gt;سیستم گرمایش کفی در جهان جدید نمی باشد و بصورت بسیار ابتدایی و ساده مورد استفاده قرار می گرفته است .در واقع برای اولین بار گرمایش کفی در حدود 60 سال بعد از میلاد یعنی روم باستان مورد استفاده قرار گرفته است. &lt;BR&gt;رومیان با سوزاندن چوب و ایجاد گازهای متشعل و عبور دادن این گازها از کانالهای هوایی موجود در کف ساختمان اقدام به گرم کردن کف منازل خود می کردند . این روش مدتهای مدیدی مورد استفاده قرار گرفته است. &lt;BR&gt;هم اکنون نیز همین سیستم گرمایشی مورد استفاده قرار می گیرد با این تفاوت که نحوه عمل مقداری تغییر کرده است و بجای گاز داغ از آب گرم و بجای کانالها از لوله های مخصوص استفاده می کنند. &lt;BR&gt;امروزه با پیشرفت تکنولوژی هزینه نصب سیستم گرمایش کفی کاهش یافته است و با استفاده از لوله های PEX دیگر مشکلات مربوط به لوله های مسی وفلزی و پلی بوتیلن را نخواهیم داشت . &lt;BR&gt;لوله های پلی بوتیلن (PB) مدتها در این روش مورد استفاده قرار می گرفت اما بدلیل وجود مشکلاتی مانند نشتی آب، کم کم جای خود را به لوله های جدید تر دادند . &lt;BR&gt;امروزه لوله های پلیمری جدیدی بنام تجاری PEX که از جنس پلی اتیلن مشبک شده می باشند مورد استفاده قرار می گیرند. که مانند لوله های PB نصب آنها بسیار آسان خواهد بود اما بخاطر ساختار مشبک آن خواص بهتری از خود نشان می دهند و مشکلات لوله های پلی بوتلین را ندارند . &lt;BR&gt;لوله های PEX برای اولین بار در سال 1971 توسط شرکت ویرسبوی سوئد تولید و به جهانیان عرضه شد . این لوله ها بعد از مدت کوتاهی توانستند جایگزین لوله های قبلی شوند. هم اکنون شرکت ویرسبو سوئد بزرگترین طراح و مجری سیستم گرمایش کفی در تمام جهان می باشد. &lt;BR&gt;از سال 1990 تولید تولید این لوله در آمریکا آغاز شد و هم اکنون بیش از 50% از تمام سیستمهای گرمایش کفی بکار رفته در این کشور از لوله های PEX ویرسبو استفاده می کنند . &lt;BR&gt;FHSim برای شبیه سازی گرمکن کف، بکار گرفته می شود. با استفاده از این برنامه، گرمکن کف، می تواند جزئیات به مصرف انرژی و اتلاف گرما به زمین را مشخص سازد. بعلت سیکل گردش هوای داغ در زمان استفاده از رادیاتور عموما دیوارهای بالای رادیاتور بمرور زمان سیاه شده و دوده را بخود جذب می نماید . در سیستم گرمایش کفی ویرسبو این مشکل برطرف شده و دیوارها وسایر لوازم در طول زمان سیاه نخواهد شد . PB نصب آنها بسیار آسان خواهد بود اما بخاطر ساختار مشبک آن خواص بهتری از خود نشان می دهند و مشکلات لوله های پلی بوتلین را ندارند . PEX دیگر مشکلات مربوط به لوله های مسی وفلزی و پلی بوتیلن را نخواهیم داشت . &lt;BR&gt;لوله های پلی بوتیلن (PB) مدتها در این روش مورد استفاده قرار می گرفت اما بدلیل وجود مشکلاتی مانند نشتی آب، کم کم جای خود را به لوله های جدید تر دادند.&lt;/P&gt;&lt;/SPAN&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;&lt;/TBODY&gt;&lt;/TABLE&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;&lt;/TBODY&gt;&lt;/TABLE&gt;</description>
<pubDate>Wed, 04 Mar 2009 16:22:26 GMT</pubDate>
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<title>سیسم گرمایش از کف</title>
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<description>&lt;A href=&quot;http://www.youtube.com/watch?v=50B5PZCmouM&amp;eurl=http://www.garmayesh-kafi.blogfa.com/post-12.aspx&amp;feature=player_embedded&quot;&gt;http://www.youtube.com/watch?v=50B5PZCmouM&amp;eurl=http://www.garmayesh-kafi.blogfa.com/post-12.aspx&amp;feature=player_embedded&lt;/A&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P&gt; &lt;/P&gt;
&lt;H2&gt;Hot Water Storage Tanks&lt;/H2&gt;
&lt;P&gt;&lt;IMG class=bl src=&quot;http://www.torontowarmfloors.com/images/pan-vitocell-v-300new.jpg&quot;&gt; &lt;/P&gt;
&lt;DIV class=description&gt;Domestic hot water tanks made of high-alloy stainless steel to satisfy the highest expectations with respect to hygiene, recovery rates and service life expectancy. The benefits at a glance: Long service life due to corrosion-resistant hot water tank and heat exchanger coil construction of high-alloy stainless steel. No sacrificial anode required for additional corrosion protection; therefore no anode replacement costs. Heating of the entire water content by a heat exchanger coil extending to the tank bottom. Reliable hot water comfort due to fast, even heating with large-diameter 1.25&quot; non-finned heat exchanger coil. Minimal standby losses through highly effective foamed-in-place or wrap-around HCFC-free insulation. Universally suitable - for larger hot water demand several Vitocell-V 300 or Vitocell-H 300 domestic hot water tanks can be combined into a multiple-tank battery via common headers. &lt;/DIV&gt;
&lt;DIV class=description&gt; &lt;/DIV&gt;
&lt;DIV class=description&gt; &lt;/DIV&gt;</description>
<pubDate>Wed, 04 Mar 2009 15:59:16 GMT</pubDate>
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<title>سیستم گرمایش از کف</title>
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<description>&lt;IMG alt=&quot;Radiant floor heating system l. Water heater 2. Circulator 3. Expansion tank 4. Supply manifold 5. Return manifold 6. Radiant panel - PEX tubing loops&quot; src=&quot;http://irc.nrc-cnrc.gc.ca/pubs/ci/v11no4/graphic5.jpg&quot;&gt;
&lt;P align=center&gt;&lt;IMG alt=&quot;Boiler system for Ventilation and Wall Research House&quot; src=&quot;http://irc.nrc-cnrc.gc.ca/pubs/ci/v11no4/photo4.jpg&quot;&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P&gt; &lt;/P&gt;
&lt;P align=center&gt;&lt;IMG height=363 src=&quot;http://www.althoffhome.com/res/Products/wirsbo/images/home.jpeg&quot; width=390&gt;&lt;/P&gt;</description>
<pubDate>Wed, 04 Mar 2009 15:26:18 GMT</pubDate>
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<title>سیستم گرمایش کفی الکتریکی</title>
<link>http://lootty.blogfa.com/post-412.aspx</link>
<description>&lt;P align=center&gt; &lt;IMG height=361 src=&quot;http://www.soldron.de/Under-Floor-Heating.jpg&quot; width=357&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P align=center&gt;&lt;FONT color=#0066ff size=3&gt;&lt;STRONG&gt;&lt;/STRONG&gt;&lt;/FONT&gt; &lt;/P&gt;
&lt;P align=center&gt;&lt;FONT color=#0066ff size=3&gt;&lt;STRONG&gt;&lt;IMG height=364 src=&quot;http://www.michaelnord.de/elektrische-Heizmatte-WTPV-S-10N.jpg&quot; width=402&gt;&lt;/STRONG&gt;&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P align=center&gt;&lt;FONT color=#0066ff size=3&gt;&lt;STRONG&gt;&lt;/STRONG&gt;&lt;/FONT&gt; &lt;/P&gt;
&lt;P align=center&gt;&lt;IMG src=&quot;http://www.rayotec.com/electric_underfloor_heating/images/floor-types.jpg&quot;&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P align=center&gt; &lt;/P&gt;</description>
<pubDate>Mon, 23 Feb 2009 07:44:09 GMT</pubDate>
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<item>
<title>چند نمونه تصویر در مورد سیستم گرمایش از کف</title>
<link>http://lootty.blogfa.com/post-411.aspx</link>
<description>   
&lt;P&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P&gt;
&lt;P&gt;&lt;STRONG&gt;&lt;/STRONG&gt;&lt;/P&gt;  
&lt;P&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P&gt;&lt;IMG height=287 src=&quot;http://www.allaroundthehouse.com/56_HydronicH.jpg&quot; width=492&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P&gt; &lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;IMG src=&quot;http://www.made-in-china.com/image/2f0j00pVTtNlaWjEcQM/Manifold-Collector-for-Radiant-Heating.jpg&quot;&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P align=center&gt; &lt;/P&gt;
&lt;P&gt; &lt;/P&gt;
&lt;P&gt; &lt;/P&gt;
&lt;P&gt; &lt;/P&gt;
&lt;P&gt;&lt;STRONG&gt;سیستم  گرمایش از کف &lt;/STRONG&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P&gt;&lt;STRONG&gt;بهترین گزینه و بهترین جایگزین برای روش های گرمایش سنتی و قدیمی&lt;/STRONG&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P&gt;&lt;STRONG&gt;کاهش مصرف سوخت تا  ۴۰٪ درصد&lt;/STRONG&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P&gt;&lt;STRONG&gt;    &lt;/STRONG&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;STRONG&gt;سایت بهینه سازی مصرف سوخت کشور&lt;/STRONG&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;STRONG&gt;&lt;U&gt;http://www.ifco.ir&lt;/U&gt;&lt;/STRONG&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P&gt; &lt;/P&gt;
&lt;DIV&gt;
&lt;P&gt;&lt;IMG style=&quot;WIDTH: 425px; HEIGHT: 285px&quot; height=321 src=&quot;http://www.warmtiles.com/images/frontPage_03.jpg&quot; width=536&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P&gt; &lt;/P&gt;
&lt;P&gt; &lt;/P&gt;
&lt;P&gt;&lt;IMG src=&quot;http://img2.timeinc.net/toh/i/a/interiors/floor-heating-01.jpg&quot;&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P&gt; &lt;/P&gt;
&lt;P&gt; &lt;/P&gt;
&lt;P&gt;&lt;IMG src=&quot;http://www.rd.com/images/tfhimport/2002/20020101_Floor_Radiant_Heat_page001img001.jpg&quot;&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P&gt; &lt;/P&gt;
&lt;P&gt; &lt;/P&gt;
&lt;P&gt;&lt;IMG src=&quot;http://www.prweb.com/prfiles/2007/01/10/496740/RadiantFloorHeating400px300dpi.jpg&quot;&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P&gt; &lt;/P&gt;
&lt;P&gt; &lt;/P&gt;
&lt;P&gt;&lt;IMG src=&quot;http://www.florheat.com/images/imgEasyFloorMainPict.gif&quot;&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P&gt; &lt;/P&gt;
&lt;P&gt; &lt;/P&gt;
&lt;P&gt;&lt;IMG style=&quot;WIDTH: 431px; HEIGHT: 295px&quot; height=384 src=&quot;http://www.blog.thesietch.org/wp-content/uploads/2007/02/layout1.JPG&quot; width=540&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P&gt; &lt;/P&gt;
&lt;P&gt; &lt;/P&gt;
&lt;P&gt;&lt;IMG src=&quot;http://www.rensolutions.co.uk/images/Underfloor%2002.jpg&quot;&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P&gt; &lt;/P&gt;
&lt;P&gt; &lt;/P&gt;
&lt;P&gt;&lt;IMG src=&quot;http://www.recinfocenter.com/userdocs/products/floorheat.jpg&quot;&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P&gt; &lt;/P&gt;
&lt;P&gt; &lt;/P&gt;
&lt;P&gt;&lt;IMG src=&quot;http://www.althoffhome.com/res/Products/wirsbo/images/home.jpeg&quot;&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P&gt; &lt;/P&gt;
&lt;P&gt; &lt;/P&gt;
&lt;P&gt;&lt;IMG src=&quot;http://www.arcsolar.com/images/inFloorHeat/radiantFloor3.JPG&quot;&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P&gt; &lt;/P&gt;
&lt;P&gt; &lt;/P&gt;
&lt;P&gt;&lt;IMG height=521 src=&quot;http://www.dannylipford.com/images/specials/todays-addition/uponor-heating-system.jpg&quot; width=441&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P&gt; &lt;/P&gt;
&lt;P&gt;&lt;IMG src=&quot;http://www.aimradiantheating.com/store/media/r-BoileroominaBoxE2sm.jpg&quot;&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P&gt; &lt;/P&gt;
&lt;P&gt; &lt;/P&gt;
&lt;P&gt;&lt;IMG style=&quot;WIDTH: 505px; HEIGHT: 505px&quot; height=521 src=&quot;http://www.easywarmfloor.com/images/amat.JPG&quot; width=695&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P&gt; &lt;/P&gt;
&lt;P&gt; &lt;/P&gt;
&lt;P&gt;&lt;IMG height=520 src=&quot;http://www.systemlink.ie/upimg/UF_450_present%20pic.gif&quot; width=390&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P&gt; &lt;/P&gt;&lt;/DIV&gt;</description>
<pubDate>Mon, 23 Feb 2009 07:28:18 GMT</pubDate>
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